MP के स्कूल्स में एडमिशन नियम बदले: पहली से 8वीं क्लास के लिए अब पहले TC देना जरूरी नहीं; बाद में जमा करना होगा

  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • TC Is No Longer Necessary For Classes 1st To 8th; Transfer Certificate To Be Given

मध्यप्रदेश17 मिनट पहले

मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने एक से दूसरे स्कूल में एडमिशन के नियम बदले हैं। पहली से 8वीं क्लास के लिए एडमिशन के समय TC (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) जमा करने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। स्टूडेंट्स को दूसरे स्कूल में एडमिशन लेने के बाद सेशन खत्म होने से पहले ट्रांसफर सर्टिफिकेट जमा करना होगा। संचालक लोक शिक्षण केके द्विवेदी ने नए आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि पहली से 8वीं क्लास में एडमिशन RTE (राइट टू एजुकेशन) नियम के तहत ही होंगे।

9वीं-12वीं में पहले की तरह नियम
9वीं से लेकर 12वीं तक की क्लास में एडमिशन के लिए पहले की तरह ही नियम रहेंगे। इसमें किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया गया है। अब तक कई स्कूलों ने 9वीं से लेकर 12वीं तक की क्लास के बच्चों की तिमाही परीक्षा के ऑनलाइन अंक नहीं भरे हैं। विभाग ने स्कूलों को तिमाही और छह माही परीक्षा के अंकों को 15 जनवरी तक हर हाल में भरने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी स्कूलों को उनके आईडी पासवर्ड भी दे दिए हैं।

स्कूल खोले रखने पर सरकार का वेट एंड वॉच
मध्यप्रदेश में कोरोना पीक पर पहुंच रहा है। संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चे ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। भोपाल में 10 दिन में 136 तो 11 अन्य शहरों में 78 बच्चे संक्रमित हो चुके हैं। बड़ी कक्षाओं में 50% बच्चे अभी भी स्कूल जा रहे हैं। सोमवार को कोरोना समीक्षा बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने पहली से 8वीं तक के स्कूल बंद करने का मामला उठाया तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभी ये चिंता का विषय नहीं है। इस बारे में तीन-चार दिन बाद फैसला लेंगे। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी स्थिति गंभीर होने पर ही कोई फैसला लेने की बात कर चुके हैं।

भास्कर सर्वे: पेरेंट्स का मानना- ऑनलाइन होना चाहिए क्लास
पेरेंट्स का मानना है कि क्लासेस ऑनलाइन ही लगना चाहिए। बच्चों को खतरे में डालना गलत है। पेरेंट्स की मन की बात दैनिक भास्कर के सर्वे में सामने आई। भास्कर ने पोल कराया और 4 ऑप्शन दिए-

  • पहला- सभी कक्षाएं ऑनलाइन हों, बच्चों को खतरे में न डालें। 71% पेरेंट्स ऑनलाइन क्लास के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि बढ़ते संक्रमण के बीच बच्चों को खतरे में नहीं डालना नहीं चाहिए।
  • दूसरा- स्कूलों के दबाव में ऑनलाइन क्लास का फैसला नहीं हो रहा। 7% लोगों का यही मानना है।
  • तीसरा- पेरेंट्स बच्चों को स्कूल न भेजें, घर में पढ़ाएं। 7% पेरेंट्स यही चाहते हैं।
  • चौथा ऑप्शन- 9वीं-12वीं क्लास छोड़कर सभी ऑनलाइन करना चाहिए। 15% ने 10-12वीं को छोड़कर सभी कक्षाएं ऑनलाइन करने की बात कही है।

खबरें और भी हैं…

मध्य प्रदेश | दैनिक भास्कर

Check Also

सीहोर में कोरोना का खतरा: 24 घंटे में 108 नए मरीज, बुधवार को 58 पॉजिटिव केस आए थे, 126 लोग स्वस्थ हुए

सीहोर20 मिनट पहले कॉपी लिंक कोरोना वायरस। जिले में कोरोना का ग्राफ अब उतार-चढ़ाव पर …

टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित करने वाले की कहानी: रोज सुबह केंद्रों पर पहुंच जाते हैं विकास, वैक्सीनेशन में लोगों की करते हैं मदद; गणतंत्र दिवस पर हुए सम्मानित

गुनाएक घंटा पहले कॉपी लिंक विकास जैन को सम्मानित किया गया। गणतंत्र दिवस समारोह में …

शुष्क दिवस पर आबकारी विभाग की कार्रवाई: टीम ने होटलों और ढाबों पर चेकिंग की, अवैध शराब बेचने के मामले में 19 प्रकरण दर्ज

धार28 मिनट पहले कॉपी लिंक शुष्क दिवस के अवसर पर जिले में आबकारी विभाग की …

बैतूल वेदर UPDATE: बैतूल में जारी है ठंड का कहर, तीन दिन में साढ़े पांच डिग्री तक गिरा पारा, सब्जियों की फसलों को नुकसान

बैतूल15 मिनट पहले कॉपी लिंक खेतों में जमी बर्फ। उत्तर भारत से आ रही ठंडी …

देवास में आबकारी विभाग की कार्रवाई: अलग-अलग टीमें बनाकर होटलों और ढाबों पर दबिश, 800 लीटर लहान जब्त

देवास38 मिनट पहले कॉपी लिंक टीम ने जब्त की अवैध शराब। 26 जनवरी के मौके …

Leave a Reply

Your email address will not be published.