Breaking News
DreamHost

Madhya Pradesh By Election : कांग्रेस के वचन पत्र में राहुल और दिग्विजय की फोटो गायब, भाजपा के कैबिनेट मंत्री ने कसा तंज

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर


कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

बिहार में विधानसभा चुनावों के साथ ही कई राज्यों में उपचुनाव कराए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में भी 28 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव हो रहे हैं। उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने वचन पत्र जारी किया है। इस वचन पत्र के कवर में राहुल गांधी और दिग्विजय की तस्वीरों को जगह नहीं दी गई है। 

उपचुनाव के लिए कांग्रेस के वचन पत्र में इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी की फोटो के साथ प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की तस्वीर प्रमुखता से लगाई गई है। 

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के वचन पत्र से राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह की तस्वीरें गायब रहने पर कांग्रेस नेता माणक अग्रवाल ने राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह की कद की याद दिलाई है। 

मानक अग्रवाल ने कहा, “हमने राहुल गांधी के नाम पर मध्य प्रदेश में चुनाव जीता और राज्य में दिग्विजय सिंह के समर्थकों की बहुत बड़ी संख्या है। इसलिए उनकी तस्वीरें निश्चित रूप से होनी चाहिए।”  

 

मध्य प्रदेश में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के वक्त कांग्रेस पार्टी ने वचन पत्र जारी किया था। उसके कवर पर राहुल गांधी की तस्वीर प्रमुखता से छापी गई थी। लेकिन अब 28 सीटों के हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस के वचन पत्र से वे गायब हैं और कमलनाथ की तस्वीर के जरिए पिछली सरकारी की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा गया है। 

कांग्रेस ने वचन पत्र में कमलनाथ की सरकार, सवा साल का कार्यकाल, सभी जनता से खुशहाल, का नारा दिया है। मध्य प्रदेश में पिछली सरकार की उपलब्धियों का श्रेय कमलनाथ के सिर बांधा गया है। और वचन पत्र में कमलनाथ को मुख्य भूमिका में रखा गया है। 

भाजपा ने कसा तंज

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निशाने पर रहने वाले राहुल की तस्वीर के नहीं रहने पर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है और सत्ताधारी पार्टी को कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। 

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह दोनों ही नेता उपचुनाव के परिदृश्य से बाहर हैं। चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले दोनों नेताओं को रणनीतिक तौर पर पार्टी ने अलग-थलग रखा है। 

गोपाल भार्गव ने कहा कांग्रेस को अच्छी तरह मालूम है कि राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह के फ्रंट पर आने से पार्टी को नुकसान होता है और पार्टी के वोट कट जाते हैं। यही कारण है कि पार्टी ने उपचुनाव में दोनों नेताओं को बाहर कर दिया है। उपचुनाव खत्म होते ही दोनों नेता फिर फ्रंट में आ जाएंगे। यानी कांग्रेस जनता को भ्रमित कर रही है। 

बिहार में विधानसभा चुनावों के साथ ही कई राज्यों में उपचुनाव कराए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में भी 28 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव हो रहे हैं। उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने वचन पत्र जारी किया है। इस वचन पत्र के कवर में राहुल गांधी और दिग्विजय की तस्वीरों को जगह नहीं दी गई है। 

उपचुनाव के लिए कांग्रेस के वचन पत्र में इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी की फोटो के साथ प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की तस्वीर प्रमुखता से लगाई गई है। 

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के वचन पत्र से राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह की तस्वीरें गायब रहने पर कांग्रेस नेता माणक अग्रवाल ने राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह की कद की याद दिलाई है। 

मानक अग्रवाल ने कहा, “हमने राहुल गांधी के नाम पर मध्य प्रदेश में चुनाव जीता और राज्य में दिग्विजय सिंह के समर्थकों की बहुत बड़ी संख्या है। इसलिए उनकी तस्वीरें निश्चित रूप से होनी चाहिए।”  

 

मध्य प्रदेश में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के वक्त कांग्रेस पार्टी ने वचन पत्र जारी किया था। उसके कवर पर राहुल गांधी की तस्वीर प्रमुखता से छापी गई थी। लेकिन अब 28 सीटों के हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस के वचन पत्र से वे गायब हैं और कमलनाथ की तस्वीर के जरिए पिछली सरकारी की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा गया है। 

कांग्रेस ने वचन पत्र में कमलनाथ की सरकार, सवा साल का कार्यकाल, सभी जनता से खुशहाल, का नारा दिया है। मध्य प्रदेश में पिछली सरकार की उपलब्धियों का श्रेय कमलनाथ के सिर बांधा गया है। और वचन पत्र में कमलनाथ को मुख्य भूमिका में रखा गया है। 

भाजपा ने कसा तंज

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निशाने पर रहने वाले राहुल की तस्वीर के नहीं रहने पर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है और सत्ताधारी पार्टी को कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। 

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह दोनों ही नेता उपचुनाव के परिदृश्य से बाहर हैं। चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले दोनों नेताओं को रणनीतिक तौर पर पार्टी ने अलग-थलग रखा है। 

गोपाल भार्गव ने कहा कांग्रेस को अच्छी तरह मालूम है कि राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह के फ्रंट पर आने से पार्टी को नुकसान होता है और पार्टी के वोट कट जाते हैं। यही कारण है कि पार्टी ने उपचुनाव में दोनों नेताओं को बाहर कर दिया है। उपचुनाव खत्म होते ही दोनों नेता फिर फ्रंट में आ जाएंगे। यानी कांग्रेस जनता को भ्रमित कर रही है। 




Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | – Amar Ujala

Free WhoisGuard with Every Domain Purchase at Namecheap

About rnewsworld

Check Also

MP Chunav: उपचुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, विधायक राहुल लोधी BJP में शामिल

हाइलाइट्स: मध्य प्रदेश के दमोह से कांग्रेस विधायक राहुल लोधी बीजेपी में शामिल। विधानसभा पहुंच …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Bulletproof your Domain for $4.88 a year!