Army Day 2022: क्‍यों मनाया जाता है आर्मी डे? जानें इसका महत्व और इससे जुड़े रोचक तथ्‍य

0
14

हाइलाइट्स

  • 15 जनवरी को फील्ड मार्शल केएम करियप्पा बने थे पहले सेना प्रमुख।
  • उस समय भारतीय सेना में थे 2 लाख सैनिक।
  • आज यहां 12,00,255 सक्रिय सैनिक हैं।

भारतीय थल सेना (Indian Army) के लिए 15 दिसंबर का दिन बेहद अहम दिन है। भारतीय सेना 15 जनवरी को अपना 74वां आर्मी दिवस मनाएगी। वर्ष 1949 में इसी दिन फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान ली थी। फ्रांसिस बुचर भारत के अंतिम ब्रिटिश कमांडर इन चीफ थे। वहीं, सेना की कमान लेने के बाद फील्ड मार्शल केएम करियप्पा भारतीय आर्मी के पहले कमांडर इन चीफ बने थे। करियप्पा के भारतीय थल सेना के शीर्ष कमांडर का पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य में हर साल यह दिन ‘आर्मी डे’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन नई दिल्ली और सभी सेना मुख्यालयों पर सैन्य परेडों, सैन्य प्रदर्शनियों और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिसमें, पूरे देश थल सेना की अदम्य साहस, वीरता, उनके शौर्य और कुर्बानियों को याद करता है।

आर्मी डे के बारे में

भारतीय आर्मी का गठन 1776 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने कोलकाता में किया था। इस सेना पर देश की आजादी से पहले ब्रिटिश कमांडर का कब्जा था। साल 1947 में जब देश आजाद हुआ, तब भी भारतीय सेना का अध्यक्ष ब्रिटिश मूल का ही होता था। करीब 2 साल बाद 15 जनवरी 1949 में आजाद भारत के आखिरी ब्रिटिश कमांडर इन चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर ने भारतीय सेना की कमान भारतीय लेफ्टिनेंट जनरल के एम करियप्पा को सौंपी। ये आजाद भारत के पहले भारतीय सैन्य कमांडर बने। यह भारत के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। इसलिए 15 जनवरी को हर साल भारतीय सेना दिवस के तौर पर मनाया जाता है। आर्मी डे को सेलिब्रेट करने का एक मकसद उन सभी शहीदों को सलाम करना भी है, जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राण त्याग दिए और उन सैनिकों को भी सलाम करना है जो देश की सेवा में लगे हुए हैं।

भारतीय सेना का इतिहास

– ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारतीय आर्मी का गठन 1776 में कोलकाता में किया था, तब इस आर्मी में अंग्रेजों की संख्‍या अधिक और भारतीयों की कम थी, उस समय भारतीयों को अधिकारी पद पर नहीं रखा जाता था।

– जब करियप्पा सेना प्रमुख बने तो, भारतीय सेना में लगभग 2 लाख सैनिक थे। वहीं आज भारतीय सेना में करीब 12,00,255 सक्रिय सैनिक हैं।

– आज के समय में यूएस और चीन के बाद इंडियन आर्मी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मिलिट्री कंटिंजेंट है। वहीं यूएन पीसकीपिंग में आज इंडियन आर्मी के सबसे ज्यादा सैनिक हर वर्ष जाते हैं।

– आज देशभर में इंडियन आर्मी के 53 कैंटोनमेंट और नौ आर्मी बेस हैं। भारतीय मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज भारत में सबसे बड़ी निर्माता कंपनी है।

– इंडियन आर्मी की असम राइफल्स सबसे पुराना पैरामिलिट्री फोर्स है, जिसकी स्थापना वर्ष 1835 में की गयी थी।

– राष्ट्रपति की सुरक्षा में जो गार्ड्स लगे हैं, वह रेजीमेंट आर्मी की सबसे पुरानी रेजिमेंट है और राष्ट्रपति भवन में ही रहती है।

– भारतीय सेना सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर को नियंत्रित करती है। भारतीय सेना के पास ताजिकिस्तान में एक बाहरी केंद्र भी है।

– भारतीय सेना का आदर्श वाक्य ‘स्वयं से पहले सेवा’ है। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी स्वयंसेवी सेना (आरक्षित सैनिक) है, जिसकी संख्‍या करीब 9,90,960 है।

यह भी पढ़ें: लॉयर और एडवोकेट के बीच क्या है अंतर? जानें इनका काम..

केएम करियप्पा के बारे में

– 1899 में कर्नाटक के कुर्ग में जन्मे फील्ड मार्शल करिअप्पा ने महज 20 वर्ष की उम्र में ब्रिटिश इंडियन आर्मी में नौकरी शुरू की थी।

– दूसरे विश्व युद्ध के दौरान बर्मा में जापानियों को शिकस्त देने के लिए उन्हें ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एंपायर का सम्मान भी मिला था।

– करिअप्पा ने वर्ष 1947 के भारत-पाक युद्ध में पश्चिमी सीमा पर सेना का नेतृत्व किया था।

– भारत-पाक आजादी के वक्त उन्हें दोनों देशों की सेनाओं के बंटवारे की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

– करियप्पा साल 1953 में रिटायर हो गए थे और बाद में, उन्होंने 1956 तक ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भारत के उच्चायुक्त के रूप में काम किया। 94 साल की उम्र में साल 1993 में उनका निधन हुआ था।

– भारतीय सेना में फील्ड मार्शल का पद सर्वोच्च होता है। ये पद सम्मान स्वरूप दिया जाता है। भारतीय इतिहास में अभी तक यह रैंक सिर्फ दो अधिकारियों को दिया गया है। देश के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ हैं। उन्हें जनवरी 1973 में राष्ट्रपति ने फील्ड मार्शल पद से सम्मानित किया था। वहीं एम करिअप्पा देश के दूसरे फील्ड मार्शल थे। उन्हें 1986 में फील्ड मार्शल बनाया गया था।

Education News: एजुकेशन न्यूज, Latest Exam Notifications, Admit Cards and Results, Job Notification, Sarkari Exams, सरकारी जॉब्स, सरकारी रिजल्ट्स, Career Advice and Guidance, करियर खबरें `- Navbharat Times

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here