Sunday, December 5, 2021
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स्वच्छता सर्वे-21: 5 रैंक सुधारकर अमृतसर 34वें स्थान पर, गार्बेज फ्री सिटी; 22% नंबर भी कटे

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  • Amritsar Improved 5 Ranks To 34th, Garbage Free City; The Work Of Compost Pad At Bhagtanwala Dump Is Pending For 9 Months.

अमृतसरएक दिन पहले

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भगतांवाला डंप पर कंपोस्ट पैड का काम 9 महीने से लटका है।

  • सीवरेज-वेस्ट वाटर के रियूज का सर्टिफिकेशन न ले पाने से 22% नंबर कटे
  • 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले 48 शहरों में स्वच्छता की ‘लड़ाई’
  • बायोरेमिडेशन, जन जागरुकता और कू़ड़ा अलग-अलग कलेक्ट करवाने से हुआ सुधार

स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में अमृतसर 10 लाख की आबादी वाले 48 शहरों में 34वें नंबर पर रहा है। बीते वर्ष शहर 39वें स्थान पर रहा था। इस बार पांच पायदान का सुधार हुआ है। नगर निगम की ओर से बीते एक साल में शुरू करवाई गई बायोरेमिडेशन, जन जागरुकता और गीला-सूखा कू़ड़ा अलग-अलग कलेक्ट करवाने के प्रयास किए, जिससे रैंक में सुधार हुआ है। सर्वेक्षण के कुल 6 हजार नंबरों में से शहर को 3434.54 (57.24%) नंबर मिले हैं, जो कि स्टेट एवरेज 2562 और नेशनल एवरेज 2072 खास बेहतर है।

वहीं गार्बेज फ्री सिटी-सीवरेज वेस्ट वाटर को ट्रीट कर रियूज करने का सर्टिफिकेशन में कोई नंबर मिलने के कारण सीधे सीधे 1300 (21.67%) नंबर कट गए। सर्वेक्षण के कुल नंबरों में से 40 फीसदी अंकों वाले सर्विस लेवल प्रोग्रेस में अधूरी प्रोसेसिंग और गीला-सूखा कूड़ा अलग करने का काम पूरी तरह से सिरे नहीं चढ़ने के कारण भी शहर के नंबर नहीं बढ़ पाए। पिछली बार की बात करें तो स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में 47 शहरों में से अमृतसर का 39वां रैंक आया था। उस वक्त भी सर्विस लेवल प्रोग्राम और सर्टिफिकेशन कैटेगरी में हमारा शहर पिछड़ गया था। इस बार पंजाब की बात करें तो लुधियाना पिछड़ कर 39वें पायदान पर आया है, जबकि उसे पिछली बार 34वां रैंक मिला था।

सर्टिफिकेशन- ओडीएफ प्लस-प्लस के 1800 में से 500 नंबर

सर्वेक्षण में सर्टिफिकेशन कैटेगरी के 1800 अंकों में से शहर को सिर्फ ओडीएफ प्लस-प्लस सर्टिफाई होने के कारण 500 अंक ही मिले। निगम ने गार्बेज फ्री सिटी (जीएफसी) 3 स्टार रैंकिंग के लिए अप्लाई किया था, लेकिन कोई अंक नहीं मिला। वाटर प्लस की सर्टिफिकेशन की नियमों पर खरे नहीं उतरने के कारण आवेदन नहीं कर पाया, जिससे 200 नंबर कटे। वाटर प्लस में सीवरेज के ट्रीट किए गए पानी के रीयूज करने को लेकर नंबर मिलने थे।

सर्विस लेवल प्रोग्रेस- 2400 अंकों में से 1653.43 नंबर

सर्विस लेवल प्रोग्रेस के 2400 अंकों में से 1653.43 नंबर शहर को मिले। इसके अंक तीन क्वार्टर में दिए गए हैं। इसमें पहली तिमाही में 367.24 अंक मिले, दूसरी तिमाही में 382.26 और तीसरी तिमाही में 903.93 अंक मिले। इसमें नंबर कम मिलने की वजह शहर की 85 वार्डों में से सिर्फ 56 फीसदी गीला -सूखा कूड़ा अलग-अलग किए जाने और प्रोसेसिंग का काम 55 फीसदी ही सिरे चढ़ना रहा।

सिटीजन्स वॉयस और सर्विस लेवल भी नंबर बढ़े हैं: हेल्थ अफसर

इस बार सर्टिफिकेशन में नगर निगम पिछड़ा है। गार्बेज फ्री सिटी में 700 नंबरों के लिए थ्री स्टार में आवेदन किया था। उसमें कुछ स्पष्ट नहीं किया गया और फाइनल रिजल्ट में इसके नंबर नहीं लगे। बाकी सिटीजंस वायस में भी बहुत सुधार है। वेट वेस्ट कंपोस्ट, एमआरएफ बनाने और रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) निकालने के कारण सर्विस लेवल प्रोग्रेस में भी पिछली बार की तुलना में नंबर बढ़े हैं।
-डाॅ. योगेश अरोड़ा, हेल्थ अफसर

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पंजाब | दैनिक भास्कर

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