Wednesday, December 8, 2021
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स्वच्छता सर्वेक्षण की हर कैटेगरी में सूरत नम्बर-1: कंप्लेन मैनेजमेंट और डॉक्यूमेंटेशन के कम अंकों से दूसरा स्थान मिला; सर्विस लेवल प्रोग्रेस में इंदौर से पिछड़ गए

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सूरत39 मिनट पहले

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सूरत को 5-स्टार रेटिंग शहर घोषित कर पुरस्कृत किया गया है।

सूरत ने एक बार स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छा प्रदर्शन किया। देश के सबसे स्वच्छ शहरों के सर्वे में सूरत ने 4318 शहरों को पछाड़ कर लगातार दूसरी बार दूसरा स्थान हासिल किया। मध्यप्रदेश का इंदौर शहर देश का सबसे स्वच्छ शहर चुना गया। सूरत इंदौर से मात्र 59 अंक पीछे रह गया। स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 में एक लाख से अधिक और 40 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की दोनों कैटेगरी में सूरत ने निर्धारित 6000 अंकों में 92 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। सूरत को कुल 5559.21 अंक मिले। जिससे सूरत को दूसरा नम्बर मिला।

मनपा आयुक्त की माने तो सूरत ने हर कैटेगरी में अच्छा प्रदर्शन किया, बस कंप्लेन मैनेजमेंट और डॉक्यूमेंटेशन में पीछे रह गए। इंदौर कागजी काम अच्छे से करता है। वहां डेली माइक्रो स्तर पर वर्क होता है। डॉक्यूमेंटेशन पर वर्क तो सूरत महानगर पालिका भी करती है। लेकिन अब माइक्रो लेवल पर भी काम करना होगा। अगर हमारा भी डॉक्युमेंटेशन मजबूत होता तो सूरत भी नम्बर वन होता।

शहरों में स्थायी स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने शनिवार को स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 का परिणाम जारी किया। इस बार सर्वे में देशभर के 4320 शहरों को शामिल किया गया था। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में शनिवार को स्वच्छ अमृत महोत्सव पुरस्कार-2021 की घोषणा की गई और विजेता शहरों को सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वच्छता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले शहरों को पुरस्कार प्रदान किए। सूरत को देश का दूसरा सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया। राष्ट्रपति ने सूरत मेयर हेमाली बोघावाला, मनपा आयुक्त बंछनिधि पाणि को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। स्वच्छ अमृत महोत्सव पुरस्कार-2021 के तहत केंद्र के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सूरत शहर को 5-स्टार रेटिंग शहर घोषित किया गया है।

सफाई मित्र सर्वे में सूरत को 246 शहरों में पांचवा स्थान
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने इस साल पहली बार ड्रेनेज सफाई और मैन्युअल स्केवेन्जिंग पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए सफाई मित्र सुरक्षा सर्वे शुरू किया है, जिसमें देशभर के 246 शहरों का चयन किया गया। इसमें सूरत को पांचवा स्थान प्राप्त हुआ है। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने सूरत मनपा के डिप्टी कमिश्नर डॉ आशीष नायक यह अवॉर्ड प्रदान किया। स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 की दो कैटेगरी 1 लाख से अधिक की आबादी और 40 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की ओवरऑल रैकिंग में सूरत देश में दूसरे नम्ब्र पर रहा। ओवरऑल रेकिंग के कुल 6000 अंकों में से सूरत शहर को 5559.21 अंक मिले हैं।

जनसहयोग मिला,पर एक कदम दूर रह गए
शहर इस साल सिर्फ 59 मार्क्स से देश का सर्वश्रेष्ठ शहर बनने से एक कदम दूर रह गया। पिछले साल दूसरे स्थान पर रहने के बाद इस साल पहले क्रमांक के लिए शहरवासियों ने पूरा सहयोग देते हुए इंदौर को पीछे छोड़ दिया। सिटीजन वॉयस में सूरत इंदौर से आगे रहा। जबकि सर्विस लेवल प्रोग्रेस में कलेक्शन एंड ट्रांसपोर्टेशन, प्रोसेसिंग एंड डिस्पोजल, सस्टेनेबल सेनिटेशन, आईईसी बिहेवियर चेंज, कैपेसिटी बिल्डिंग, इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिस जैसे प्रोजेक्ट में कमी रह गई।

इन कामों सूरत देश में अव्वल
सर्विस लेवल प्रोग्रेस केटेगरी में कुल 1 लाख से अधिक दस्तावेज अपलोड किए गए। सूरत को 2400 में से 2238.05 अंक मिले। सूरत को वाटर + के लिए 1800 अंकों में से 1600 और प्रमाणन श्रेणी में 5-स्टार रेटिंग मिली। सिटीजन वॉयस कैटेगरी में सिटीजन फीडबैक, हाईजीन एप, लाइव साइट इंस्पेक्शन, इनोवेशन और सिटीजन एंगेजमेंट के तहत 1800 में से 1721.15 अंक प्राप्त हुए हैं।

डिजास्टर मैनेजमेंट: सूरत नगर निगम द्वारा वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान शहर के अस्पतालों, नर्सिंग होम, लैबोरेट्रीज, रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, कम्युनिटी कॉमेडिक केयर सेंटर (सीसीआईसी) और रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में मास्क, दस्ताने और अन्य मास्क, दस्ताने और पीपीई किट तथा अन्य बाईमेडिक्ल वेस्ट का अलग निपटान प्रणाली स्थापित की गई है जिसमें प्रतिदिन लगभग 2 टन कचरे का निपटान किया गया।

ईको-फ्रेंडली: सूरत की खजोद डंप साइट को बदलकर ईको बायोलॉजिकल साइट बनाई गई है। जो एक बहुत ही महत्वपूर्ण बदलाव रहा है। शहर में कचरा उत्सर्जन भी कम हुआ है, कंटेनर भी हटाए गए। जो पे एंड यूज है उसका भी अन्य शहरों की तुलना में उपयोग बहुत अच्छा है। राजस्व शहर को साफ रखने की लागत के समान है।

रिसाइकिल: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और टर्सरी ट्रीटमेंट प्लांट में ड्रेन वाटर को शोधित कर औद्योगिक इकाइयों काे सप्लाई किया जाता है। इससे सालाना 140 करोड़ रुपए का राजस्व होता है। नगर पालिका द्वारा बनाई गई व्यवस्था स्वच्छता में काफी अहम भूमिका निभाती है। RFID का उपयोग रात की सफाई के कार्यों में भी किया जाता है।

हमारा ध्यान कोविड पर था जिससे 42.32 अंक पिछड़ गए
इंदौर का डॉक्यूमेंटेशन अच्छा है। जैसे कि डोर टू डोर व्हीकल कहां से कब निकला, कहां पहुंचा, उसकी माइक्रो मॉनिटरिंग होती है। अब हमें भी माइक्रो लेवल पर भी काम करना होगा। कम्प्लेन मैनेजमेंट और डॉक्यूमेंटेशन में पीछे रह गए। इसके अलावा पहले क्वार्टर में हमारा ध्यान कोविड पर था। तब हम 42.32 मार्क्स पीछे रह गए। कंप्लेन मैनेजमेंट सिस्टम पर भी फोकस करना होगा। – बछानिधि पाणि, आयुक्त, सूरत मनपा

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गुजरात | दैनिक भास्कर

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