Wednesday, December 8, 2021
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सुरक्षित मातृत्व आश्वासन कार्यक्रम: मातृ व शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए चलेगा कार्यक्रम सुमन

भरतपुर43 मिनट पहले

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जिले में मातृ एवं मृत्यु दर को कम करने के लिए आज 22 से 27 नवम्बर तक सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) कार्यक्रम चलाया जाएगा।

जिले में मातृ एवं मृत्यु दर को कम करने के लिए आज 22 से 27 नवम्बर तक सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) कार्यक्रम चलाया जाएगा। सीएमएचओ डॉ मनीष चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम के तहत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए पहले से चलाए जा रहे सभी कार्यक्रमों को एकीकृत कर सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) कार्यक्रम शुरू किया गया है। चिकित्सा अधिकारियों को कार्यक्रम में अधिक से अधिक महिलाओं व शिशुओं को जोड़कर लाभान्वित करने के लिए निर्देशित किया गया है।

महिला व शिशुओं के स्वास्थ्य सेवा पर रहेगा विशेष फोकस
अभियान के तहत मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को गुणवत्ता प्रदान करने पर जोर दिया गया है। इसलिए सुमन कार्यक्रम में निशुल्क व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता पूर्ण देखभाल सेवाएं, सेवा प्रदान करने के लिए अभियान के प्रति शून्य सहिष्णुता और महिलाओं के आत्मनिर्णय, गरिमा, भावना, चयन और प्राथमिकता आदि के लिए सम्मान के साथ जटिलताओं के प्रयोग को शामिल किया गया है।

कार्यक्रम में यह रहेंगी गतिविधियां
कार्यक्रम के तहत सुरक्षित और संस्थागत प्रसव, प्रसूता की देखभाल, नवजात की देखभाल, संपूर्ण टीकाकरण, गुणवत्ता पूर्ण देखरेख, सभी एएनसी जांचें, रिकॉर्ड संधारण, मातृ-शिशु पोषण, लेबर रूम की साफ-सफाई, जरूरी उपकरणों की उपलब्धता और रख-रखाव आदि पर ध्यान दिया जाएगा।

स्वास्थ्य मित्र निभाएंगे सुमन वॉलिएंटर की भूमिका :अभियान की अहम कड़ी विभाग की अग्रिम पंक्ति स्वास्थ्य मित्र, आशा, एएनएम आदि होंगे। स्वास्थ्य मित्र अभियान के तहत सुमन वॉलिएंटर की भूमिका निभाएंगे और योजना का प्रचार-प्रसार भी करेंगे। अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए इसमें जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाएगा।

इन पर रहेगा मुख्य फोकस
सुरक्षित मातृत्व आश्वासन कार्यक्रम के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों को एकजाई किया गया है। इसके अलावा कुछ नया पार्ट भी जोड़ा गया है। अभियान में प्रमुख रूप से एचबीएनसी, प्रसव पूर्व, प्रसव दौरान और प्रसव के बाद देखभाल, एएनसी, पोषण आदि एलिमेंट्स पर ध्यान दिया जाएगा, जिसका सीधा लाभ गर्भवती और धात्री महिलाओं को मिलेगा।

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राजस्थान | दैनिक भास्कर

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