Wednesday, December 8, 2021
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सत्ता में हिस्सेदारी बढ़ी, लेकिन 4 मंत्रियों के सामने चुनौतियां: अब यमुना का पूरा पानी लेना और ईस्टर्न कैनाल प्रोजेक्ट को जल्द शुरू कराना होगा

भरतपुर14 मिनट पहले

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जश्‍न मनाते कांग्रेसी।

भरतपुर काे पहली बार उम्मीद से ज्यादा सत्ता में भागीदारी मिली है। पहली बार जिले के 7 में से चार विधायक मंत्री बन गए हैं। यह निर्णय चाैंकाने वाला है। क्याेंकि कई जिलाें काे मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व ही नहीं मिला है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कांग्रेस हाईकमान ने यह दरियादिली उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव काे ध्यान में रखकर दिखाई है।

इसका उद्देश्य आगरा की 9, मथुरा की 5, हाथरस की 3 और अलीगढ़ जिले की 7 सीटों समेत आसपास की करीब 40 सीटें ऐसी हैं, जहां भरतपुर के लाेगाें का राेटी/बेटी का संबंध है। इन सभी सीटों पर जाट, जाटव, वैश्य, मेव वाेटर प्रभावी हैं। यूपी में जाट और वैश्य वर्ग भाजपा का करीबी रहा है। अनुसूचित जाति वर्ग बसपा का वाेट बैंक माना जाता है।

मेव/मुस्लिम वर्ग सपा और बसपा के पक्ष में वाेटिंग करता रहा है। इन जातीय वाेटराें काे साधने का संकेत देने के लिए ही भजनलाल जाटव का प्रमाेशन, विश्वेंद्रसिंह काे फिर से कैबिनेट मंत्री पद, सुभाष गर्ग काे मंत्रिमंडल में बरकरार बनाए रखना और जाहिदा खान काे मंत्री बनाया गया है। समाजवादी नेता और पूर्व सांसद पंडित रामकिशन कहते हैं कि दरअसल उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस अपना खाेया हुआ जनाधार तलाश रही है। जाे भाजपा, सपा और बसपा में चला गया था।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी अब जाट, जाटव और मुस्लिम वाेटराें काे अपने पक्ष में करने के लिए एड़ी-चोटी का जाेर लगा रही हैं। इसीलिए 18 नवंबर काे ललिता मूडिया की सभा में सीएम गहलाेत ने कहा था कि भरतपुर पाॅलिटिकल जिला है और इसका भविष्य उज्जवल है।

31 साल पहले भैंरो सिंह शेखावत ने दी थी भरतपुर को ऐसी ही तव्वजो

रियासतकाल से अब तक इन लोगों को मिली भागीदार

रियासतकालीन मंत्रिमंडल- ठा. देशराजसिंह, मास्टर आदित्येंद्र

​​​​​​​मत्स्य प्रदेश सरकार – जुगलकिशोर चतुर्वेदी, गाेपीनाथ यादव

माेहनलाल सुखाडिया सरकार – प्रधुम्नसिंह, बनवारीलाल शर्मा (तब धाैलपुर भरतपुर में ही था)

जगन्नाथ पहाड़िया सरकार- 14 माह राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। मुख्यमंत्री रहे।

शिवचरण माथुर सरकार – गिर्राज प्रसाद तिवारी- विधानसभा अध्यक्ष रहे

भैराेसिंह शेखावत सरकार- नत्थीसिंह, संपतसिंह, बृजराजसिंह, मदनमोहन सिंघल मंत्री और यदुनाथसिंह- विधानसभा उपाध्यक्ष रहे

अशाेक गहलाेत सरकार – चौधरी तैयब हुसैन, हरिसिंह कुम्हेर

​​​​​​​वसुंधरा राजे सरकार – डाॅ. दिगंबर सिंह

अशाेक गहलाेत- जाहिदा खान संसदीय सचिव

वसुंधरा राजे सरकार- कृष्णेंद्र काैर

​​​​​​​​​​​​​​अशाेक गहलाेत सरकार- विश्वेंद्रसिंह, भजनलाल जाटव, डाॅ. सुभाष गर्ग, जाहिदा खान

आगे क्या -अभी एक संसदीय सचिव और मिलने की उम्मीद
भरतपुर को अभी एक संसदीय सचिव मिल सकता है। इसमें नदबई विधायक जाेगेंदरसिंह अवाना अथवा बयाना विधायक अमरसिंह को मौका मिल सकता है। भाजपा के लिए चुनाैती: 4 मंत्री बनने से भाजपा को उसी के गढ़ में बड़ी चुनाैती मिलेगी। क्योंकि भाजपा के कई नेता कांग्रेस मंत्रियों के टच में रहते हैं।

ये बड़े प्रोजेक्ट केन्द्र और राज्य सरकार के पास अटके हुए हैं…

ईस्टर्न कैनाल : भरतपुर समेत 13 जिलाें में पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक पानी की आपूर्ति के लिए बनी ईस्टर्न कैनाल प्राेजेक्ट काे राष्ट्रीय परियाेजना घाेषित कराना। करीब 40 हजार कराेड़ रुपए के इस प्राेजेक्ट का सर्वे और डीपीआर बन चुकी है। राज्य सरकार ने इसमें 320 कराेड़ रुपए दिए हैं।

पर्यटन जिला : ताजमहल और एनसीआर की वजह से भरतपुर जिले की औद्योगिक प्रगति रुक गई है। अगर पर्यटन जिला घाेषित हाे ताे राेजगार के ज्यादा अवसर पैदा हाेंगे। केवलादेव घना, डीग के जलमहल, बांध बारैठा, कामां मंदिर, बयाना किला आदि वन्यजीव, स्थापत्य और विरासत का युग्म है।

यमुना का पानीः 1994 में यमुना जल समझाैता हुआ था। लेकिन, 1200 में से बमुश्किल 700 क्यूसेक पानी ही मिल पाता है। पूरा पानी मिले ताे भरतपुर के अजान बांध तक आएगा। इससे कुम्हेर, डीग, भरतपुर और नदबई के 203 गांवाें काे सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

मेडिकल हब : भरतपुर के मेडिकल हब के रूप में विकसित होने की संभावना है। सरकारी मेडिकल कॉलेज में संसाधन और स्टाफ बढ़ाए जाने की जरुरत है।

खबरें और भी हैं…

राजस्थान | दैनिक भास्कर

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