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शरीर की नसों को स्वस्थ रखना है जरूरी, जानें इन्हें हेल्दी रखने के 7 तरीके

हर कोई शरीर के विभिन्न अंगों को स्वस्थ रखने की बात करता है लेकिन इस बारे में शायद ही बात की जाती है कि शरीर की नसों (Nerves of the Body) को स्वस्थ कैसे रखा जाए. बहुत से लोग स्वस्थ नसों के महत्व को कम आंकते हैं, जब तक कुछ गलत न हो जाए. जब नसें क्षतिग्रस्त होती हैं, तो अच्छी सेहत को बनाए रखना काफी मुश्किल होता है. नसें शरीर के अंगों से रक्त लेती हैं और उसे हृदय (Heart) में पहुंचाती हैं, वहीं धमनियां हृदय से रक्त लेकर अंगों तक पहुंचाती हैं. जानिए नसों को किस तरह से स्वस्थ रख सकते हैं.

बहुत सारा फाइबर खाएं

फाइबर पाचन तंत्र को सही ढंग से काम करने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है. पाचन की कमी से पेट पर जितना अधिक दबाव डाला जाता है, उतनी ही अधिक आशंका है कि नसों को रक्त प्रवाह के रुकावट के कारण नुकसान होगा. फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे ओटमील, ब्राउन राइस, पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली, एवोकाडो, चियास, दालें आहार में शामिल करें.विटामिन सी और विटामिन ई का सेवन

फाइबर के अलावा ऐसे कई अन्य पोषक तत्व हैं जिन्हें नसों को स्वस्थ रखने के लिए अपने आहार में शामिल करें. ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें, जिनमें बहुत विटामिन सी हों जैसे ब्रोकोली, स्ट्रॉबेरीज, गोभी, अनानास, संतरे आदि. myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि विटामिन सी शरीर की रक्त वाहिकाओं को भी मजबूत बनाने में मदद करता है. विटामिन ई से भरपूर खाद्य पदार्थों को भी आहार में शामिल करें, जिसमें सूखे मेवे, एवोकाडो, जैतून का तेल, कद्दू, आम, मछली आदि शामिल हैं.

वजन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहें

स्वस्थ आहार से स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद मिलेगी. स्वस्थ वजन नसों पर आने वाले दबाव को कम करता है. जितना अधिक वजन होगा, उतना ही नसों को अधिक काम करना होगा. अधिक वजन होने के कई दुष्प्रभाव झेलने के बजाय, अपने आहार को स्वस्थ और पोषक तत्वों से भरपूर रखने का प्रयास करें ताकि नसें ठीक से अपना काम कर सकें.

हाइड्रेटेड रहना

नसों के स्वस्थ रहने के लिए पानी जरूरी है. जितना अधिक हाइड्रेटेड होते हैं, रक्त उतना ही पतला होता है, जिसका मतलब है कि यह अधिक आसानी से बहता है. यदि रक्त गाढ़ा है, तो आप डिहाइड्रेटेड हैं  और इससे नसें खराब होंगी.

गतिशील रहें

एक गतिहीन जीवन शैली वैरिकोज वेन्स के प्रमुख कारणों में से एक है. लैपटॉप के सामने 8-9 घंटे की लगातार बैठक नसों की समस्या खड़ी कर सकती है. इसलिए लगातार घंटों बैठकर काम करने की बजाए, बीच में उठते रहें और थोड़ा पैदल चलें. वहीं इसका मतलब नहीं कि सारा दिन खड़े रहना है. यह भी नसों पर दबाव डालता है. अपने खड़े और बैठने के बीच एक संतुलन रखना होगा और हर दिन जितना संभव हो उतना पैदल चलें.

धूम्रपान न करें

तंबाकू के धुएं में मौजूद रसायन रक्त गाढ़ा कर सकते हैं. इसके अलावा निकोटीन नसों को सख्त और संकीर्णता का कारण बनता है.

इलाज करवाएं

अगर थकान, भारीपन या सूजन जैसे कोई भी लक्षण नजर आएं तो इसे नजरअंदाज न करें. डॉक्टर को दिखाएं ताकि समय पर इलाज शुरू हो सके. myUpchar के अनुसार कुछ बीमारियों या पोषण की कमी या जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं के कारण नसों की कमजोरी हो सकती है. इसकी वजह का इलाज करने से यह समस्या ठीक हो सकती है. इसके लिए दवाएं और अन्य थेरेपी भी उपलब्ध हैं.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, नसों में दर्द के लक्षण, कारण, बचाव, इलाज और दवा पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

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