मौत के बाद निंद से जागा प्रशासन: उज्जैन में छात्रा की मौत के बाद शाजापुर में प्रशासन ने जांच की कहां बेची जा रही चाइना डोर

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शाजापुरएक घंटा पहले

शहर में चायना डोर के लिए प्रशासन ने कोई सख्ती नहीं दिखाई। जब 15 जनवरी को उज्जैन में चाइना डोर से एक छात्रा की मौत हो गई तो रात में तहसीलदार एवं टीआई पतंग व्यवसायियों के यहां पहुंचे और देखा चाइना डोर तो नहीं बेची जा रही। शाजापुर में इस बार 14 और 15 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व मनाया गया। पूरे शहर में आसमान में खूब रंग बिरंगी पतंगें उड़ाई गई ​​​​​​​ पतंगे और पतंगों को आसमान में उड़ाया गया चाइना डोर से। मकर संक्रांति के 15 दिन पहले से ही पतंग व्यवसायी अपना कारोबार शुरू कर देते हैं और बाजार में प्रतिबंध के बाद भी खुले आम चाइना डोर मिलती है।

शाजापुर में तीन दिन में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल

शाजापुर के जिला चिकित्सालय में तीन दिन में एक दर्जन से ज्यादा लोग चाइना डोर से घायल हो कर आए। जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टर सचिन नायक ने बताया कि उज्जैन की ही तरह शाजापुर में भी बाबूलाल मालवीय, उम्र 65 वर्ष मोटर साइकिल से जा रहे थे और चाइना डोर से उनका भी गला कट गया। थोड़ा सा ज्यादा घाव होता तो उनके लिए मुश्किल हो जाती। डॉक्टर नायक ने बताया कि दो तीन दिन में एक दर्जन से ज्यादा लोग चाइना डोर से घायल हुए।

उज्जैन की घटना के बाद जांच

शहर में दो दिन तक मकर संक्रांति मनाई गई और खुले रूप से व्यवसायियों ने चाइना डोर बेची। कोई जांच नहीं हुई और जब 15 जनवरी को उज्जैन में चाइना डोर से एक छात्रा की मौत हुई तो प्रशासनिक अधिकारी रात में जांच करने के लिए निकल पड़े। अधिकारियों के हाथ कुछ लगा भी नहीं। शाजापुर तहसीलदार राजाराम कजरारे ने बताया कि उज्जैन की घटना के बाद चाइना डोर बेची तो नहीं जा रही, इसके लिए तलाशी अभियान चलाया गया है।

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मध्य प्रदेश | दैनिक भास्कर

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