Monday, November 29, 2021
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मेडिकल स्टॉफ की कमी दूर: रिम्स का इमरजेंसी एक महीने में ट्रामा सेंटर में होगा शिफ्ट, 30 बेड और दाे ओटी हाेंगे

रांची20 घंटे पहले

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  • सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और सेंट्रल लैब में हर तरह की पैथाेलॉजिकल जांच की सुविधा

रिम्स में मेडिकल स्टॉफ की कमी दूर कर एक मजबूत हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन मैनेजेंमेंट सिस्टम तैयार हाेगा। मरीजों की परेशानी इस इंफोर्मेशन सेंटर के माध्यम से सुलझा कर उन्हें बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। एम्स की तर्ज पर यह हॉस्पिटल इंफोर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम इमरजेंसी वाली जगह पर संचालित हाेगा। एक महीने के अंदर इमरजेंसी काे ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

मरीजों के लिए अत्याधुनिक सुविधा से युक्त 30 बेड की सेंट्रल इमरजेंसी सेवा शुरू करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। ट्रामा सेंटर में ही मरीजों काे सीटी स्कैन, अल्ट्रासांउड जांच और सेंट्रल लैब में विभिन्न तरह की जांच की सुविधा मिलेगी। यहां दो ओटी में आपात स्थिति में मरीजों का अॉपरेशन भी किया जाएगा। रिम्स निदेशक डॉ. कामेश्वर प्रसाद का एक साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार बेड बढ़ाए जाएंगे।

हिमेटोलॉजी विभाग शुरू करने का प्रस्ताव : निदेशक के अनुसार, जीन से संबंधित बीमारियों को दूर करने के लिए स्टेम सेल व बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया जा सकता है। इसके लिए रिम्स में हिमेटोलॉजी विभाग स्थापित करने का प्रस्ताव है, ताकि जल्द स्टेम सेल और बोन मैरो ट्रांसप्लांट शुरू हो सके। निदेशक ने कहा कि रिम्स में एक साल के दाैरान 69 विषयों पर शोध हुए हैं। सभी शोध पब्लिकेशन को इंटरनेशनल मान्यता प्राप्त है।

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झारखंड | दैनिक भास्कर

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