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मुंबई को बाढ़ से बचाने के लिए गडकरी का अचूक फार्मूला, शहर से बाहर ले जाया जाए बरसात और ड्रेनेज का पानी

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केंद्र सड़क व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई को बाढ़ से बचाने के लिए अचूक फार्मूला बताया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने मुंबई से बरसात और ड्रेनेज लाईन का पानी मुंबई से बाहर यानि ठाणे इलाके में ले जाने का सुझाव दिया है।

गडकरी ने मुख्यमंत्री ठाकरे से कहा है कि यदि मुंबई को बाढ़ से बचाना है तो इस फार्मूले पर काम किया जाना चाहिए। मुंबई से बरसात का पानी और ड्रेनेज लाईन का पानी मुंबई के बाहर एक जगह इकट्ठा किया जाए, जिसका शुद्धीकरण कर फिर से उपयोग में लाया जा सकता है। इस पानी का इस्तेमाल नासिक और अहमदनगर आदि जिलों और शहरों में खेती और औद्योगिक इकाइयों में भी किया जा सकता है।

गौरतलब है कि हर साल बरसात में मुंबई पानी-पानी हो जाती है। इससे जनधन की हानि होती है। सड़क और परिवहन व्यवस्था लड़खड़ा जाती है। यदि इससे छुटकारा पाना है तो बाढ़ नियंत्रण ड्रेनेज प्रबंधन और पीने के पानी की आपूर्ति को लेकर एक नई व्यवस्था बनाने पर विचार किया जाना चाहिए। इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सलाहकार नियुक्त कर परियोजना का प्रारूप तैयार किया जाए और मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) को नोडल एजेंसी नियुक्त किया जाए।

मीठी नदी पर बांध बनाने की सलाह

नितिन गडकरी ने मुंबई शहर में बाढ़ नियंत्रण के लिए दिए अपने सुझाव में कहा है कि इस तरह की योजना को अमल में लाए जाने से मुंबई की मीठी नदी में बाढ़ का मुद्दा भी सुलझ सकता है। मीठी नदी पर बांध बनाकर पानी समुद्र में छोड़ा जा सकता है।

इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने बरसात के दौरान मुंबई की सड़कों के गड्ढों में तब्दील होने से रोकने के लिए डामरीकरण के बजाए सीमेंट-कंक्रीट की सड़कें बनाने की सलाह दी है। गडकरी ने इस संबंध में न सिर्फ मुख्यमंत्री ठाकरे बल्कि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, पीडब्लूडी मंत्री अशोक चव्हाण, राजस्वमंत्री बालासाहेब थोरात आदि को भी भेजा है।

केंद्र सड़क व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई को बाढ़ से बचाने के लिए अचूक फार्मूला बताया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने मुंबई से बरसात और ड्रेनेज लाईन का पानी मुंबई से बाहर यानि ठाणे इलाके में ले जाने का सुझाव दिया है।

गडकरी ने मुख्यमंत्री ठाकरे से कहा है कि यदि मुंबई को बाढ़ से बचाना है तो इस फार्मूले पर काम किया जाना चाहिए। मुंबई से बरसात का पानी और ड्रेनेज लाईन का पानी मुंबई के बाहर एक जगह इकट्ठा किया जाए, जिसका शुद्धीकरण कर फिर से उपयोग में लाया जा सकता है। इस पानी का इस्तेमाल नासिक और अहमदनगर आदि जिलों और शहरों में खेती और औद्योगिक इकाइयों में भी किया जा सकता है।

गौरतलब है कि हर साल बरसात में मुंबई पानी-पानी हो जाती है। इससे जनधन की हानि होती है। सड़क और परिवहन व्यवस्था लड़खड़ा जाती है। यदि इससे छुटकारा पाना है तो बाढ़ नियंत्रण ड्रेनेज प्रबंधन और पीने के पानी की आपूर्ति को लेकर एक नई व्यवस्था बनाने पर विचार किया जाना चाहिए। इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सलाहकार नियुक्त कर परियोजना का प्रारूप तैयार किया जाए और मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) को नोडल एजेंसी नियुक्त किया जाए।

मीठी नदी पर बांध बनाने की सलाह

नितिन गडकरी ने मुंबई शहर में बाढ़ नियंत्रण के लिए दिए अपने सुझाव में कहा है कि इस तरह की योजना को अमल में लाए जाने से मुंबई की मीठी नदी में बाढ़ का मुद्दा भी सुलझ सकता है। मीठी नदी पर बांध बनाकर पानी समुद्र में छोड़ा जा सकता है।

इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने बरसात के दौरान मुंबई की सड़कों के गड्ढों में तब्दील होने से रोकने के लिए डामरीकरण के बजाए सीमेंट-कंक्रीट की सड़कें बनाने की सलाह दी है। गडकरी ने इस संबंध में न सिर्फ मुख्यमंत्री ठाकरे बल्कि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, पीडब्लूडी मंत्री अशोक चव्हाण, राजस्वमंत्री बालासाहेब थोरात आदि को भी भेजा है।

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