मरीज को मौके पर ही मिलेगी सहूलियत: आईजीएमसी के कमरा नं. 421 में बनेंगे हिमकेयर कार्ड, लोगों को साइबर कैफे नहीं जाना पड़ेगा

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शिमला2 घंटे पहले

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आमताैर पर आईजीएमसी आने वालें ज्यादातर मरीजाें के पास हिमकेयर या आयुष्मान कार्ड नहीं हाेते। मरीज जब आईजीएमसी में एडमिट हाेता है और उसे ऑपरेशन के लिखा जाता है ताे डाॅक्टर इस बारे में पूछताछ करते हैं। यहां पर फिर डाॅक्टर मरीज काे हिमकेयर कार्ड बनाने की सलाह देते हैं, ताकि उनका खर्चा बच सके। मरीज यहां से फिर साइबर कैफे या लाेकमित्र केंद्राें तक नहीं जा पाता। वहीं काेई तीमारदार साथ हाे भी ताे वह मरीज काे अकेला नहीं छाेड़ सकता।

यह समस्या आईजीएमसी में अधिकांश मरीजाें के साथ आती है। मगर इसी समस्या के समाधान के लिए अब आईजीएमसी प्रशासन ने खुद मरीजाें के हिमकेयर कार्ड बनाना शुरू कर दिया है। अब मरीज आसानी से आईजीएमसी में ही अपने हिमकेयर कार्ड बनवा सकेंगे, यहां पर कमरा नंबर 421 में कार्ड बनाना शुरू कर दिए गए हैं। इस काउंटर में अब मरीज आसानी से 1000 रुपए देकर अपना हिमकेयर कार्ड बनवा सकेंगे। इसके लिए मरीज या तीमारदार काे संबंधित व्यक्ति का आधार कार्ड और राशन कार्ड लाना अनिवार्य है।

यह हाेगा फायदा
आईजीएमसी में हिमकेयर कार्ड बनाने का सबसे बड़ा फायदा यह हाेगा कि उन्हें अब इसे बनवाने के लिए लाेकमित्र केंद्राें पर जाने की जरूरत नहीं रहेगी। इसके अलावा जिस भी मरीज का ऑपरेशन हाेगा और उसके पास हिमकेयर कार्ड नहीं हाेगा ताे वह तुरंत आईजीएमसी में इसे बनवा सकेगा। यही नहीं मरीजाें की जब हिमकेयर कार्ड में रजिस्ट्रेशन हाे जाएगी ताे उसके बाद वह तुरंत ही उसका इलाज फ्री शुरू हाे जाएगी। नहीं ताे कई बार लाेकमित्र केंद्र में कार्ड बनवाने के बाद वह कई दिन तक एक्टिव नहीं हाेता था और मरीज काे इलाज में दिक्कत आती थी।

1500 से ज्यादा मरीज रहते हैं एडमिट
आईजीएमसी में 1500 से ज्यादा मरीज एडमिट रहते हैं। इसमें ज्यादातर मरीजाें काे ऑपरेशन के लिए लिखा जाता है। हिमकेयर कार्ड में उन्हें पांच लाख रुपए तक का इलाज फ्री मिलता है। जबकि नॉर्मल ऑपरेशन में ही 50 हजार रुपए से ज्यादा खर्च आ जाता है। यहां पर एडमिट मरीजाें में कई ऐसे हाेते हैं, जिनके पास हिमकेयर कार्ड नहीं हाेता, फिर उन्हें फ्री इलाज नहीं मिल पाता। मगर अब आईजीएमसी में काउंटर खुलने के बाद लगभग सभी मरीजाें का कार्ड बन जाएगा और उनके ऑपरेशन का पूरा खर्च बचेगा।

सुविधा ना मिले ताे कर सकते हैं शिकायत ​​​​​​​
आईजीएमसी में हिमकेयर कार्ड पर यदि किसी मरीज काे सुविधा नहीं मिलती है ताे इसके लिए भी शिकायत की जा सकती है। इसके लिए एमएस या किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के पास शिकायत की जा सकती है। वहीं यदि किसी मरीज काे अब िहमकेयर कार्ड बनाने काे मना किया जाता है ताे भी इसकी शिकायत के लिए एमएस के पास जा सकते हैं। कार्ड बनाने वाले कर्मचारियाें काे भी सख्त हिदायत दी गई है कि वह तुरंत मरीजाें का कार्ड बनाएं ताकि उनहें सुविधा मिले।

आईजीएमसी में हिमकेयर कार्ड बनाना शुरू कर दिया गया है। अब मरीजाें काे साइबर कैफे या लाेकमित्र केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं रहेगी। 31 जनवरी तक यहां पर हिमकेयर कार्ड बनाए जाएंगे। यदि भीड़ ज्यादा हुई ताे इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। लाेगाें से अपील है कि जिन्हाेंने हिमकेयर कार्ड नहीं बनवाए हैं वह आईजीएमसी में आसानी से इसे बनवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड साथ लाना हाेगा।
-डाॅ. जनकराज, एमएस आईजीएमसी शिमला

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हिमाचल | दैनिक भास्कर

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