Monday, November 29, 2021
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मंत्रिमंडल पुनर्गठन: जूली व रावत लेंगे कैबिनेट मंत्री पद की शपथ, अब जिले से 2 मंत्री

अलवर41 मिनट पहले

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प्रदेश के मंत्रिमंडल पुनर्गठन में अलवर जिले को एक और मंत्री मिल गई है। बानसूर से विधायक शकुंतला रावत को रविवार शाम कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई जाएगी। मंत्री टीकाराम जूली को भी कैबिनेट का दर्जा दिया जाएगा। नया मंत्री पद कांग्रेस या बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों को कोटे में जा सकता है। इसके अलावा कुछ विधायकों को बोर्ड, संसदीय सचिव, बीसूका सहित अन्य समितियों में जगह दी जा सकती है। मौजूदा मंत्री टीकाराम जूली मंत्री बने रहेंगे। जूली को पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह का नजदीकी माना जाता है।

जूली का दर्जा बढ़ाकर केबिनेट कर दिया गया है। जूली अभी श्रम, कारखाना एवं बॉयलर्स निरीक्षण विभाग (स्वतंत्र प्रभार) तथा सहकारिता एवं इंदिरा गांधी नहर परियोजना विभाग राज्यमंत्री हैं। प्रदेश में लंबे समय से चल रही मंत्रिमंडल के विस्तार की कवायद अंतिम स्थिति में है। जिले में अभी कांग्रेस के 7 और 2 समर्थित निर्दलीय विधायक है। इनमें टीकाराम जूली पहले से ही कांग्रेस कोटे से स्वतंत्र प्रभार के मंत्री है। नए मंत्रिमंडल गठन में अनुभव और जातिगत फैक्टर के साथ ही संकट के समय पार्टी के साथ वफादारी से खड़े रहने का फैक्टर भी मायने रहेगा।

नए मंत्रिमंडल में बानसूर विधायक शकुंतला रावत को प्रबल दावेदार माना जा रहा था। देर रात आई सूची में उन्हें कैबिनेट का दर्जा मिला है। रावत बानसूर विधानसभा सीट से लगातार दो बार की विधायक हैं। इसके अलावा वे महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव सहित संगठन में अनेक पद पर रही हैं। पिछली विधानसभा में वे कांग्रेस की एक मात्र महिला विधायक थी। उन्हें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का भी नजदीकी माना जाता है। महिला चेहरे होने के कारण भी उन्हें अन्य विधायकों के मुकाबले मंत्रिमंडल में शामिल करने में तरजीह मिल सकती है।

माना जा रहा है कि अल्पसंख्यक वर्ग की एक महिला विधायक को भी स्थान मिल सकता है जिसमें कामां की जाहिदा और रामगढ़ विधायक साफिया खान है। संभावना है कि इनमें से एक को मंत्री पद व दूसरी को किसी बोर्ड आदि में अच्छा पद मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों कहा कि राजस्थान में सियासी संकट के समय निर्दलीयों एवं बसपा विधायकों ने पार्टी का साथ दिया था। ऐसे में बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए किशनगढ़बास विधायक दीपचंद खैरिया व संदीप यादव भी मंत्रिमंडल की दौड में है।

हाल हुए पंचायती राज चुनाव में खैरिया का अपनी विधानसभा की दोनों पंचायत समितियों में कांग्रेस का प्रधान निर्वाचित कराने में भूमिका निभाई थी। दूसरी तरह अगर जातिगत समीकरणों की बात करें तो संदीप यादव भी मंत्रिमंडल में नंबर आ सकता है। जिले में यादव समाज का बड़ा वोट बैंक है। ऐसे में सियासी समीकरणों को साधने के लिए संदीप यादव का नंबर आ सकता है। विधायकों को संतुष्ट करने के लिए मुख्यमंत्री कुछ को संसदीय सचिव तो कुछ को राज्य स्तरीय बोर्ड में जगह दे सकते हैं।

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राजस्थान | दैनिक भास्कर

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