भास्कर इंटरव्यू: हितेन तेजवानी बोले-खुद को सोलो लीड रोल के लिए बांधकर नहीं रखा, कैरेक्टर पसंद आया तो हां कर देता हूं

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16 मिनट पहलेलेखक: इंद्रेश गुप्ता

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एक्टर हितेन तेजवानी इन दिनों म्यूजिक वीडियो ‘मेरा प्यारा हिंदुस्तान’ को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी यह गाना 15 जनवरी यानी आर्मी डे के मौके पर रिलीज होगा। इसमें वे एक सैनिक के लुक में नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में हितेन ने इस गाने और कॅरिअर से जुड़ी बातें शेयर की:

इस गाने का मूल कॉन्सेप्ट क्या है? इसके जरिए क्या संदेश दे रहे हैं?
हमने इसमें एक सोल्जर की निजी जिंदगी की कहानी दिखाई है। हमने कोशिश की है कि इसमें एक फौजी के जीवन में प्यार, परिवार और देश की सेवा के बीच वह कैसे सब कुछ बैलेंस करता है। हमारे इस गाने के बोल बहुत प्यारे हैं। इसका शूट भी बहुत अच्छा हुआ है। सुनते ही ये गाना लोगों की जुबान पर चढ़ जाएगा। मैसेज क्या है ये कहूं तो सिर्फ इतना ही कहूंगा कि एक सैनिक के लिए उसका वतन कितना मायने रखता है, ये हमने इस गाने में दिखाने की कोशिश की है।

हिना वर्दे के साथ काम का एक्सपीरियंस कैसा रहा?
मैं हिना के साथ पहली बार काम कर रहा था। वह बहुत अच्छी एक्ट्रेस हैं। इस गाने की शूटिंग के दौरान हमारी केमिस्ट्री बहुत अच्छी रही। उम्मीद है कि लोगों को भी हमारी केमिस्ट्री पसंद आएगी। वह नई एक्ट्रेस तो नहीं है, उन्होंने कई अन्य प्रोजेक्ट में भी काम कर किया हुआ है।

इसके अलावा फिल्म ‘अर्ध’ के बारे में कुछ बताएंगे?
‘अर्ध’ एक स्लाइस ऑफ लाइफ फिल्म है। इसमें मेरे साथ रुबीना दिलैक, राजपाल यादव और कुलभूषण खरबंदा जैसे दिग्गज कलाकार हैं। इसकी कहानी मुंबई की लाइफ पर बेस्ड है। इसमें कुछ ऐसा ही दिखाया जाएगा, जो हम अक्सर अपनी आम जिंदगी में नजर अंदाज कर देते हैं। ‘अर्ध’ मुंबई जैसे शहर में एक एक्टर के स्ट्रगल की कहानी है। यह एक कॉन्सेप्ट ओरिएंटेड फिल्म है। मैं अपनी भूमिका के बारे में खुलासा तो नहीं करूंगा पर पलाश मुच्छल एक युवा फिल्म मेकर हैं और उनकी ऊर्जा अद्भुत है। हम अभिनेता के रूप में हमेशा अलग-अलग किरदार निभाना चाहते हैं, लेकिन उनके जैसे युवा फिल्म मेकर के साथ काम करने का अनुभव काफी मजेदार है।

क्या खास वजह मानते हैं सोलो लीड रोल कम पाने की?
मैं ऐसा नहीं सोचता कि सिर्फ लीड रोल ही करूं। मैंने हमेशा यही चाहा है कि ऐसे रोल करूं जिनमें मुझे एक सैटिस्फैक्शन मिले। कुछ नया करने को मिले। डेफिनेटली लीड रोल करना हर एक्टर का सपना होता है। वह चाहता कि उसे बड़े सोलो लीड वाले रोल्स मिले। लेकिन टीवी में या फिल्मों में भी अक्सर ऐसा होता है कि हर एक्टर को जो कभी किसी शो से या फिल्म से हिट हुआ हो उसे हमेशा वैसे ही रोल या बड़ी फिल्में मिलें। एक समय के बाद उसमें बासीपन आ जाता है। मैंने कभी खुद को बांधकर नहीं रखा कि मुझे सोलो लीड रोल नहीं मिला तो मैं कोई प्रोजेक्ट ही नहीं करूंगा। मैंने खुद को हर प्लेटफॉर्म के लिए ओपन रखा है। जहां पर भी मुझे अच्छा काम मिलता है, मैं उसे कर लेता हूं। फिलहाल दो वेब सीरीज के लिए मैं शूटिंग कर चुका हूं। हालांकि उन पर कुछ भी बोलने की इजाजत नहीं है।

आपका ‘कुटुम्ब’ के जैसे प्रथम मित्तल टाइप का अवतार फिर कभी देखने को मिलेगा क्या?
बेशक कभी कुछ ऐसा मिला तो जरूर करूंगा। मैं ये जरूरी समझता हूं कि भले ही किसी फिल्म या प्रोजेक्ट में मुझे तीन सीन ही क्यों न मिले। उतने में ही मुझे अपना इम्पैक्ट छोड़ देना है। मेरा मानना है कि फिल्मों में आना एक अलग ही गेम है। पहले लोगों को लगता था कि जो एक बार टीवी में आ गया फिर उसे कभी फिल्मों में काम मिलेगा ही नहीं। लेकिन आज ऐसा नहीं है। मेरा तो ऐसा है कि अगर मैं किसी के साथ टीवी शो को लेकर कमिटेड हूं तो भले ही उस बीच कोई भी प्रोजेक्ट आए फिर उसे चूज नहीं करता हूं। हालांकि कई एक्टर्स बीच में ही शो छोड़ देते हैं और बड़े ऑफर्स की ओर चले जाते हैं।

क्या अपना आगे का फ्यूचर आप वेब प्लेटफॉर्म पर ज्यादा सिक्योर मानते हैं?
मेरे आगे जो किरदार आ रहे हैं उनमें मैं लीडिंग रोल में हूं। हाल ही में मैंने नोबल पीस, गुप्ता ब्रदर्स और अनकहीं जैसे प्रोजेक्ट्स में अहम रोल निभाए हैं। मैं खुद को हर प्लेटफॉर्म पर सिक्योर मानता हूं और लोगों को बताना चाहता हूं कि मैं ये भी कर सकता हूं, वो भी कर सकता हूं। आप मुझे चाहे जहां खड़ा कर दें।

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