Monday, November 29, 2021
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भास्कर इंटरव्यू: पंकज त्रिपाठी ने किया खुलासा, बोले- मेरे साथ एक बार इंश्योरेंस फ्रॉड हुआ था

2 मिनट पहले

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बॉलीवुड एक्टर पंकज त्रिपाठी ने हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘बंटी और बबली 2’ के बारे में बात की और खुलासा करते हुए बताया कि कुछ साल पहले उनके साथ भी एक इंश्योरेंस फ्रॉड हुआ था। पंकज सिनेमाघर और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी सक्रियता ना सिर्फ बखूबी दर्ज कराते हैं, बल्कि कैरेक्टर में इनपुट भी डालते हैं। आइए देखते हैं बातचीत के कुछ प्रमुख अंश-

Q.‘बंटी और बबली 2’ में बच्चे के साथ आपकी डायलॉगबाजी अच्छी रही है। बच्चों के साथ काम करना कितना सरल/कठिन है?
A.बच्चों के साथ एक्टिंग करना कठिन काम है, क्योंकि जब हम लोग बड़े हो जाते हैं, तब हम अपने जीवन में सरलता को खो देते हैं। बच्चों में जो एक मासूमियत होती है, उसकी वजह से वो बड़े इनोसेंस के साथ काम करते हैं। बच्चे के सीन में मैंने ट्राई किया कि मैं उसके ही लेवल के आसपास आ जाऊं ताकि सीन अच्छे से हो जाए। यही वजह है कि ‘बंटी और बबली 2’ में मेरा बच्चे के साथ अच्छा सीन निकलकर आया, जो लोगों को काफी पसंद भी आ रहा है। फिल्म में बच्चे के साथ मेरा बड़ा अनूठा संबंध है।

Q.आप फिल्म में अपना कुछ ना कुछ इनपुट डालते ही हैं। इसमें क्या रहा?
A.इसमें भी मेरा इनपुट है, जो आपको फिल्म देखने के बाद मालूम पड़ेगा। हालांकि यह बहुत अच्छी सिक्रप्ट थी। फिर भी थोड़े बहुत इंप्रोवाइजेशन हैं, जो करता हूं। हर रोल में एक्टर अपना कुछ ना कुछ इनपुट लाता ही है। इसमें मेरे छोटे-छोटे इनपुट हैं। चूंकि मैं नॉर्थ इंडिया से हूं, तो मैं वहां की चीजों से वाकिफ हूं। मेरी तरफ से नॉर्थ का वह थोड़ा फ्लेवर आया है।

Q.आपके अनुसार, ठगी वाली फिल्मों को ऑडियंस क्यों पसंद करती है?
A.देखिए, हर आदमी अपनी लाइफ में कभी ना कभी ठगी का शिकार हुआ होता है। उसे लगता है कि कहीं ना कहीं हम बेवकूफ बन गए हैं। इसलिए वह ऐसी फिल्मों को पसंद करता है। यह ठगी का धंधा भी बड़ा रोमांचक धंधा है। जो ठगा जा रहा होता है, उसे पता नहीं होता है कि वह ठगा जा रहा है।

Q.रियल लाइफ में ठगी को लेकर अपना कोई अनुभव बताइए?
A.ऐसी कोई बड़ी ठगी तो मेरे साथ नहीं हुई है। हां, मेरे साथ भी एक बार इंश्योरेंस फ्रॉड हुआ था। एक एजेंट था, जो मुझे इंश्योरेंस बेचकर पैसे लेकर चला गया था। मुझे चार महीने बाद पता चला कि वो नकली इंश्योरेंस है। जो आदमी इंश्योरेंस बेचकर गया था, उसको बहुत ढूंढ़ा पर वो मुझे मिला ही नहीं। यह फ्रॉड कार इंश्योरेंस को लेकर हुआ था। उस पेपर में लिखा हुआ सब कुछ करेक्ट था, लेकिन चार महीने बाद जब कंपनी से संपर्क किया, तब पता चला कि वो नकली पेपर है। यह पॉलिसी ओरिजिनल नहीं है। फिर दोबारा मैंने रियल कंपनी से इंश्योरेंस करवाया। यह कुछ 10 साल पहले की बात है।

Q.आप बदलते वक्त के साथ ठगी का तरीका किस तरह से बदला हुआ पाते हैं?
A.पहले लोग बातों-बातों में उलझाकर ठगी करते थे। अब चूंकि दुनिया डिजिटल हो गई है, तब ठगों का तरीका डिजिटल हो गया है। वो लोग यह सब कुछ ऑनलाइन करने लगे हैं। इस तरह ठगी भी डिजिटल हो गई है। बदलते जमाने के साथ सब कुछ बदल जाता है।

Q.2021 खत्म होने को आ रहा है, तो आप 2021 को पर्सनल-प्रोफेशनल लाइफ में किस तरह पाते हैं?
A.मुझे थोड़ा कोरोना के चलते छुट्‌टी मिली। फिर समझ में आया कि फैमिली के साथ समय बिताना ज्यादा जरूरी है। करियर बनना और बिगड़ना तो लगा रहेगा। कोविड-19 ने मुझे सिखाया कि परिवार के साथ सुकून से रहना ज्यादा आवश्यक है।

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