Monday, November 29, 2021
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बेमानी घोषणाएं: शहरियों को राहत की तीन योजनाओं पर अफसरों ने फेरा पानी, नहीं मिला सीएम के एलान का फायदा

जालंधर42 मिनट पहले

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फाइल फोटो

  • लैंड इनहांसमेंट में जितना ब्याज घटा, अफसरों ने उतनी रकम बढ़ा दी, नोटिस भेजे
  • पानी-सीवर के बिल 50 रुपए करने को निगम ने नहीं उठाया कोई कदम

चुनाव से 3 महीने पहले सीएम चन्नी ने शहरी आबादी को राहत देने के लिए 3 बड़े फैसले किए पर पब्लिक को फायदा मिलने में अभी देर है। लैंड इनहांसमेंट में जितनी ब्याज में राहत मिलनी थी, जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने उतनी रकम बढ़ा दी। पानी-सीवरेज के बिल 50 रुपए करने के लिए नगर निगम ने अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए और इमारतों की ओटीएस भी लंबित है। अफसरों ने सरकारी स्कीमों को इस तरह उलझाया है कि लाभ नहीं मिला। कोड ऑफ कंडक्ट लागू होने के बाद अफसरों का ध्यान लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर कम, इलेक्शन वर्क पर ज्यादा होगा। सीएम के एलान के बाद सिटी के लोगों को करोड़ों का सीधा लाभ ये होना है कि घरों को पानी के बिलों का पुराना बकाया जीरो हो जाएगा व नया बिल 125 गज से ऊपर केवल 50 रुपए आएगा।

अभी तक जालंधर में न तो ये बकाया कैलकुलेट हुआ है और न लोगों को दिए जाने वाला राहत के आधिकारिक लेटर को लेकर विभाग की तैयारी है। सीएम ने कहा था कि नगर सुधार ट्रस्टों की काॅलोनियों को लैंड इनहांसमेंट की रकम पर पीनल इंट्रेस्ट 15.50 प्रतिशत की बजाय आधा लगेगा, लेकिन जालंधर में अफसरों ने लैंड इनहांसमेंट की रकम में बढ़ोतरी कर नए नोटिस भेजे हैं। इससे राहत की उम्मीद धरी रह गई है। वन टाइम सेटलमेंट पाॅलिसी की अंतिम लेटर का भी इंतजार है। निगम कमिश्नर कर्णेश शर्मा और मेयर जगदीश राजा ने कहा, विभागीय लेटर आनी अभी बाकी है। इसी तरह वन टाइम सेटलमेंट पाॅलिसी के भी विभागीय आदेशों का इंतजार है।

पानी और सीवर के बिलों में राहत की नोटिफिकेशन, पर सुविधा जीरो

सीएम के एलान के बाद 21 अक्टूबर को नोटिफिकेशन जारी हुई थी। रविवार को 1 माह पूरा हो गया। अब 125 गज से ऊपर घरों का केवल 50 रुपए पानी का बिल देना है। अब 75 रुपए कम लगेंगे। सबसे बड़ी राहत ये है कि घरों का पुराने वर्षों का बकाया नहीं लगेगा। अभी लोकल बाॅडीज विभाग ने नगर निगमों को विभागीय लेटर नहीं दिया है कि वह लोगों का पैसा माफ करें। अभी दिसंबर में भी घरों के लोगों के नाम जो बिल जारी होंगे, वह पुराने रेट पर होंगे। सीएम के आदेश के अनुसार 50 रुपए बिल के साथ ही हर आदमी को पानी का कनेक्शन रेगुलर करवाना है, इसका निगम को लाभ है। वजह- बिल केवल पानी का कम हुआ है, सीवरेज के कनेक्शन से कमाई स्टार्ट हो जाएगी। आम आदमी की परेशानी ये है कि जब तक निगम अफसर सक्रिय होंगे, तब चुनावी कोड लग जाएगा।

लैंड इनहांसमेंट- जेआईटी ने 42,238 रुपए की वृद्धि कर खत्म की राहत

नोटिफिकेशन जारी हो गई है। अब नगर सुधार ट्रस्टों की काॅलोनियों में लैंड इनहांसमेंट की रकम पर 15.50% की बजाय 7.50% पीनल इंट्रेस्ट लगेगा। सूर्या एंंकलेव के नोटिफिकेशन के बाद नए नोटिस भेजे गए हैं। पहले जहां 6 मरले के प्लाॅट से 2003 से 2018 तक ब्याज सहित 2,81,826 रुपए मांगे जा रहे थे। अब वो 3,24,109 रुपए मांगे गए हैं। सूर्या एंकलेव वेलफेयर सोसायटी के प्रेसिडेंट ओम दत्त शर्मा, राजीव धमीजा, सतीष सोनी व रोशन लाल शर्मा कहते हैं कि ये तरीका गलत है। राजीव धमीजा कहते हैं- एक हाथ से सीएम से लाभ दिया व जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने दूसरे हाथ से वापस वापस खींचने की कोशिश की है। सुविधा से पहले जेआईटी ने बोझ डाला है। जेआईटी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार ये रकम मांग रहा है पर पहले हिसाब देना चाहिए। जिसकी डिमांड लोग कई साल से कर रहे हैं।

सिटी में अवैध इमारतों की वन टाइम सेटलमेंट से पहले धड़ाधड़ सीलिंग

सीएम ने सभी अवैध इमारतों को मंजूर कराने के लिए वन टाइम सेटलमेंट पाॅलिसी की घोषणा की थी। नोटिफिकेशन में इंतजार कराया जा रहा है। ये पाॅलिसी लागू होने पर 375 रुपए देकर आम आदमी अपने घर को रेगुलर करा लेगा, जिससे हाउसिंग लोन ले सकेगा। ऐसा ही लाभ व्यापारिक व संस्थागत इमारतों को मिलना है। पाॅलिसी का इंतजार कर रहे ऋषि अरोड़ा कहते हैं- आम तौर पर रेगुलराइजेशन कराने पर प्लाॅट मालिकों को 1-2 महीने लग जाते हैं। पंजाब में लोकसभा चुनाव से पहले कोड लगने वाला है। अगर कोड लगने के पास आकर वन टाइम पाॅलिसी रिलीज हो भी गई तो अफसरों का मिलना मुश्किल हो जाएगा। वजह- वह चुनावी तैयारी में होते हैं। दूसरी दिक्कत ये है कि पाॅलिसी 3 महीने लाभ देगी, वो सारा समय चुनावी सीजन में गुजर सकता है। सरकार पहले ही समय 6 महीने रखे।

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पंजाब | दैनिक भास्कर

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