प्रयागराज में लाल खून के नाम पर काला कारोबार: युवक की मौत पर रिश्तेदार ब्लड वापस करने पहुंचा तो पता चला नकली है

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प्रयागराज37 मिनट पहलेलेखक: मनीष मिश्रा

प्रयागराज में तेजी से नकली ब्लड का कारोबार हो रहा है।

प्रयागराज में खून के सौदागर लाल खून के नाम पर काला कारोबार कर रहे हैं। शहर के सरकारी TB (तेजबहादुर सप्रू) यानी, बेली ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने नकली ब्लड होने की पुष्टि तब की जब एक तीमारदार शुक्रवार शाम ब्लड वापस करने के लिए पहुंचा। ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने तत्काल पहचान लिया कि यह ब्लड इस ब्लड बैंक से गया ही नहीं। तीमारदार ने बताया कि उसके रिश्तेदार ने करीब आठ हजार रुपए में किसी दलाल से यह ब्लड खरीदा था। बताया जा रहा है कि इस ब्लड बैंक के नाम से कोई गिरोह फर्जी ब्लड बैग बनवाकर नकली ब्लड भरकर बेच रहा है।

कर्मचारियों ने पहचान लिया नकली ब्लड
दरअसल, इरशाद अली नामक एक मरीज का इलाज निजी नर्सिंग होम में चल रहा था। वह सांस का मरीज था। डॉक्टर ने बताया कि मरीज को तत्काल दो यूनिट ब्लड चढ़ाना होगा। नर्सिंग होम के माध्यम से तीमारदार किसी दलाल से संपर्क कर आठ हजार रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से दो यूनिट ब्लड लाकर डॉक्टर को दिए। एक यूनिट ब्लड मरीज को चढ़ाया भी गया।

नकली ब्लड बैग बनवाकर दलाल बेच रहे ब्लड।

इसी बीच मरीज की मौत हो जाती है। एक यूनिट ब्लड जो बचा उस पर बेली ब्लड बैंक का रैपर लगा था तो मृतक का रिश्तेदार उसे लेकर बेली ब्लड बैंक पहुंचा। ब्लड देखने से ही काला दिख रहा था, आशंका होने पर रजिस्टर में मिलान किया गया तो ब्लड बैग नंबर गलत मिला और रजिस्टर में भी मरीज का नाम नहीं मिला। मामला बिगड़ता देख ब्लड लेकर आया युवक वहां से भाग निकाला।

जिले में बड़े पैमाने पर चल रहा खून का धंधा
जनपद में खून के नाम पर बड़े पैमाने पर कुछ गिरोह गोरखधंधा में शामिल हैं। इसके पहले भी इस ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने नकली ब्लड का खुलासा किया था। ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. उत्तम बताते हैं कि इस तरह के कई मामले आ चुके हैं लेकिन यह गिरोह अपनी करतूत से बाज नहीं आ रहे हैं। यह शहर के सभी सरकारी ब्लड बैंकों के रैपर छपवाकर उसे ब्लड बैग पर चस्पा कर देते हैं और उसमें नकली ब्लड भरकर ज्यादा कीमत में बेच रहे हैं।

चिकित्सा अधीक्षक बोले- पुलिस को दी जा रही सूचना
बेली अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमके अखौरी ने दैनिक भास्कर को बताया कि कुछ गिरोह द्वारा ब्लड बैंक के नाम पर नकली ब्लड बैग बनवाकर उसमें नकली ब्लड भरकर बेचा जा रहा है। मामला संज्ञान में आया है। इसकी सूचना हम लोग पुलिस को दे रहैं।

रुपए देकर ब्लड बेचना व खरीदना अपराध है
बेली अस्पताल की CMS डॉ. किरन मलिक ने आमजन का आह्वान किया कि रुपए देकर ब्लड बेचना व खरीदना दोनों अपराध है। यदि किसी भी जरूरतमंद को ब्लड की आवश्यकता है। तो वह सीधे ब्लड बैंक से संपर्क करे। दलाल के माध्यम से ब्लड लेने पर नकली ब्लड दे दिया जाता है जो मरीज के लिए जानलेवा साबित होता है।

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उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर

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