पश्चिम के मतदाता तय करेंगे चुनाव की दिशा: पहले दो चरणों में वेस्ट यूपी की 71 सीटों पर मतदान, किसान आंदोलन, जाट आरक्षण बड़ा मुद्दा

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मेरठएक घंटा पहले

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विधानसभा चुनाव 2022 का शंखनाद पश्चिमी यूपी से होगा। पहले और दूसरे चरण में पश्चिम यूपी में होने वाला मतदान ही उत्तर प्रदेश में चुनावी रुख तय करेगा, कि इस बार सरकार किसकी बनेगी। किसान बाहुल्य इन जिलों में किसान आंदोलन के बाद बीजेपी की परेशानियां पहले ही बढ़ी हुई है। उस पर यहां सपा-रालोद का गठबंधन भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। 2017 में वेस्ट यूपी में 71 में से 51 सीटों पर काबिज हुई बीजेपी के लिए वेस्ट यूपी जीतना इस बार टफ टास्क होगा।

71 में से 51 सीटों पर है भाजपा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीन मंडलों (मुरादाबाद, मेरठ और सहारनपुर) में कुल 71 विधानसभा सीट हैं। इनमें से 51 सीट भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास हैं। जबकि 20 सीटों पर सपा, बसपा और कांग्रेस है। सपा के पास 17 सीटें हैं। कांग्रेस के पास 2 और बसपा के पास धौलाना की एक सीट है। हालांकि धौलाना विधायक बसपा छोड़ अब सपा में जा चुके हैं।

किसान, जाट आंदोलन का पेंच
वेस्ट यूपी में अभी सबसे ज्यादा विधायकों वाली पार्टी भाजपा के सामने दो बड़ी चुनौती किसान और जाट हैं। किसान आंदेालन के चलते पश्चिम का किसान भाजपा से नाराज चल रहा है। भले आंदोलन खत्म है मगर एमएसपी, गन्ना मूल्य भुगतान, गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी, फसल खरीद पर सरकार अभी भी किसानों को संतुष्ट नहीं कर पाई है। दूसरा कारण जाट आरक्षण आंदेालन है। चुनाव नजदीक आते ही यहां जाटों ने एक बार फिर केंद्र में अपने लिए आरक्षण की मांग के लिए आंदोलन शुरू कर दिया है। जाटों ने ऐलान किया है आरक्षण नहीं तो वोट नहीं। उधर सपा, रालोद का गठजोड़ होने का बड़ा फायदा सपा को मिलेगा।

कोरोना खड़ी करेगा मुश्किलें
पश्चिमी यूपी के जिन 16 जिलों में पहले, दूसरे चरण में मतदान होगा वहां कोरोना मतदान में मुश्किल बनेगा। कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए संभ्रांत घरों के लोग मतदान करने कम ही जाएंगे। अपनी सेफ्टी और संक्रमण के खतरे को देखते हुए शिक्षित वोटर का मतप्रतिशत घटेगा। इसमें बड़ी संख्या उस युवा और प्रबुद्ध वर्ग के मतदाता की होगी जो वैक्सीन लगने के बाद भी बाहर निकलने से बचता है।

55 फीसदी मुस्लिम मतदाओं वाली सीटों पर BJP साफ
वेस्ट UP की जिन 9 विधानसभा सीटों पर मुस्लिम मतदाता 50 से 55 फीसदी के बीच में हैं, वहां भाजपा पूरी तरह साफ हाे चुकी है। इन सीटों पर सपा, बसपा और कांग्रेस का कब्जा है। 55 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं वाली सीटों में रामपुर सदर से सपा नेता आजम खां की पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा, संभल से सपा के पूर्व मंत्री इकबाल महमूद, मुरादाबाद की कुंदरकी सीट से सपा के हाजी रिजवान, मुरादाबाद देहात सीट से सपा के हाजी इकराम कुरैशी, अमरोहा शहर सीट से सपा के पूर्व मंत्री महबूब अली विधायक हैं।

जानें पश्चिम यूपी के इन जिलों में कब होगा मतदान
उत्तर प्रदेश में पहले चरण में 10 फरवरी 2022 को 15 जिलों की 73 सीटों पर चुनाव होंगे। इसमें शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर पश्चिमी यूपी के प्रमुख जिले हैं। दूसरे चरण में 14 फरवरी 2022 को 11 जिलों के 67 विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे। इसमें सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, अमरोहा, पीलीभीत पश्चिमी यूपी के प्रमुख जिले हैं।

वेस्ट के 14 जिलों की 71 विधानसभाओं पर वर्तमान स्थिति
दल विधायक
भाजपा 50
सपा 17
बसपा 1 धौलाना सीट अब सपा में शामिल
कांग्रेस 2
रालोद 00

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उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर

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