Monday, November 29, 2021
HomeStatesMaharashtraपरमबीर की अदालत से गुहार: भगोड़ा घोषित किए जाने के खिलाफ परमबीर...

परमबीर की अदालत से गुहार: भगोड़ा घोषित किए जाने के खिलाफ परमबीर ने सेशन कोर्ट में दायर की अर्जी, सोनू जालना फिरौती मामले में आज हो रही पूछताछ

  • Hindi News
  • Local
  • Maharashtra
  • Parambir Singh Extortion Case; Ex mumbai Police Commissioner To Court On Non bailable Warrant Cancellation

मुंबई35 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

परमबीर मई महीने में अचानक गायब हो गए थे और फिर गुरुवार को मुंबई पहुंचे और क्राइम ब्रांच के सामने अपना बयान दर्ज करवाया।

232 दिनों से फरार चल रहे मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने वसूली के एक मामले में खुद को भगोड़ा घोषित किए जाने के खिलाफ स्थानीय एस्पलेनैड कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। अधिवक्ता गुंजन मंगला के माध्यम से अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एसबी भाजीपाले के समक्ष एक आवेदन दायर कर उन्हें भगोड़ा घोषित करने के आदेश को रद्द करने की मांग की है।

फिरौती के एक मामले में शुक्रवार को परमबीर सिंह ठाणे के नगर पुलिस स्टेशन में पेशी के लिए पहुंचे। यहां पुलिस अधिकारियों की एक टीम उनसे पूछताछ कर रही है। इस टीम में डीसीपी अविनाश अंबुरे भी शामिल हैं। परमबीर पर सट्टेबाजी के आरोप में गिरफ्तार हुए सोनू जालान नाम के शख्स ने 10 करोड़ की फिरौती मांगने का आरोप लगाया था। उनके खिलाफ इस मामले में पहले लुकआउट नोटिस और फिर वारंट जारी हुआ था।

कल गोरेगांव वसूली केस में हुई थी पूछताछ

इससे पहले गुरुवार को परमबीर से मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 11 के ऑफिस में तकरीबन 7 घंटे की कड़ी पूछताछ हुई है। परमबीर के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस में छह एफआईआर हैं। एंटीलिया केस में भी एनआईए ने उन्हें समन भेजा था। मुंबई के व्यापारी विमल अग्रवाल द्वारा दर्ज करवाए गए वसूली के मामले में परमबीर से पूछताछ हुई है। इसमें परमबीर के अलावा सचिन वाझे, रियाज भाटी, अल्पेश पटेल, विनय सिंह उर्फ बबलू और सुमित सिंह उर्फ चिंटू को आरोपी बनाया गया है। बिमल अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि उनके दो बार और रेस्तरां में छापेमारी न करने के लिए उनसे 9 लाख रुपये की उगाही की गई। उन्हें पुलिस वालों के लिए करीब तीन लाख रुपये के दो स्मार्टफोन खरीदने के लिए भी मजबूर किया गया। कांदिवली क्राइम ब्रांच ने इस केस में सचिन वाझे की 1 नवंबर को कस्टडी ली थी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पहुंचे

परमबीर सिंह को भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। वह गिरफ्तारी से बचाव के लिए सुप्रीम कोर्ट गए। कोर्ट ने उन्हें 6 दिसंबर तक अरेस्ट से प्रोटेक्शन दिया है, लेकिन उन्हें पुलिस से जांच में सहयोग करने को भी कहा है।

चांदीवाल आयोग के सामने पेश हो सकते हैं परमवीर

100 करोड़ की वसूली का आरोप लगाने के बाद राज्य सरकार द्वारा गठित जस्टिस चांदीवाल आयोग ने भी परमबीर को आज पेश होने के लिए कहा है। आयोग की ओर से कहा गया है कि अगर परमबीर पेश नहीं होंगे तो उनके खिलाफ वारंट जारी किया जाएगा। इसलिए माना जा रहा है कि वे आज या कल तक आयोग के सामने पेश हो सकते हैं। परमबीर से पहले मुंबई पुलिस के बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वझे भी आयोग के सामने पेश हो चुके हैं। सिंह पर कई बार बुलाने के बावजूद जांच कमेटी के सामने पेश नहीं होने का आरोप है। कमेटी ने पिछले महीने परमबीर सिंह पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया था। यह पैसे कोविड-19 के लिए बने मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करवाने के लिए कहा गया था।

जांच कमेटी को मिली है सिविल कोर्ट की शक्ति
राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ परमवीर सिंह द्वारा लगाए गए 100 करोड़ की वसूली के आरोपों की न्यायिक जांच करने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा एक सदस्यीय जांच समिति का गठन 30 मार्च को किया गया था। इसी मामले में तीन मई को जारी एक अधिसूचना में राज्य सरकार ने जांच समिति को सिविल कोर्ट की शक्तियां प्रदान की हैं।

खबरें और भी हैं…

महाराष्ट्र | दैनिक भास्कर

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments