Monday, November 29, 2021
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पटियाला मेयर पर गरमाई सियासत: अमरिंदर ने कहा – पार्षदों को स्टेट मशीनरी ने धमकाया; CM चन्नी बोले- सरकार का इसमें दखल नहीं

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चंडीगढ़एक घंटा पहले

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कैप्टन अमरिंदर सिंह के गढ़ पटियाला में मेयर संजीव शर्मा को हटाने को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने स्टेट मशीनरी के जरिए पार्षदों को धमकाया। वहीं CM चरणजीत चन्नी ने कहा कि सरकार का इसमें कोई दखल नहीं है।

गुरुवार को पटियाला नगर निगम में कैप्टन गुट के मेयर को हटाने के लिए हाउस बुलाया गया था। जिसमें कैप्टन ग्रुप यानी मेयर के पक्ष में 25 और कांग्रेस के पक्ष में 36 वोट आए। कैप्टन ने दावा किया कि उन्होंने कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव फेल कर दिया। मंत्री ब्रह्ममोहिंदरा ने कहा कि मेयर बहुमत साबित नहीं कर सके, इसलिए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।

कांग्रेस सरकार का शर्मनाक काम : अमरिंदर
इस फैसले के बाद कैप्टन ने कहा कि अंतिम चरण में चल रही पंजाब कांग्रेस सरकार के लिए यह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने पटियाला के पार्षदों को धमकाने के लिए स्टेट मशीनरी का इस्तेमान किया। कैप्टन ने कहा कि पूरा जोर लगाने के बाद भी वह मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास नहीं कर सके। कैप्टन ने बाद में सोशल मीडिया के जरिए पार्षदों के साथ एकजुटता भी दिखाई।

यह पार्षदों का अधिकार : CM
कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयान पर CM चरणजीत चन्नी ने कहा कि पटियाला में क्या हुआ? इसके बारे में मैंने अभी पूरी जानकारी नहीं ली है। इतना जरूर है कि किसे मेयर चुनना है, यह पार्षदों का अधिकार होता है। सरकार का इसमें कोई दखल नहीं होता।

कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ पटियाला के मेयर संजीव शर्मा बिट्‌टू।

कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ पटियाला के मेयर संजीव शर्मा बिट्‌टू।

दावों में फंसा पटियाला नगर निगम
पटियाला नगर निगम अब दावों में फंस गया है। मेयर संजीव शर्मा बिट्‌टू ग्रुप का कहना है कि उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव फेल कर दिया। उन्हें 21 पार्षद चाहिए थे। उनके पक्ष में 25 वोटें पड़ीं। वहीं मंत्री ब्रह्ममोहिंदरा का कहना है कि मेयर विश्वास मत खो बैठे हैं। उन्हें 31 वोट चाहिए थी, लेकिन वह 25 ही पा सके।

दिलचस्प बात यह है कि कैप्टन ग्रुप कह रहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव था, लेकिन विपक्षियों का कहना है कि इसमें मेयर को बहुमत साबित करना था। अब यह पूरा मामला तकनीकी पहलू में फंस गया है। कैप्टन ग्रुप इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है।

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चंडीगढ़ | दैनिक भास्कर

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