Monday, November 29, 2021
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नशा मुक्ति केंद्र खोलने की गुहार: शराब की लत के कारण जेल में क्षमता से दोगुना बंदी और हाे रहे बेकाबू भी

मुजफ्फरपुरएक घंटा पहले

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अब तक 908 शराबी व शराब तस्कर गिरफ्तार; जेल की क्षमता 2200 और हैं 4600 से अधिक आराेपित-कैदी।

सूबे में मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में जहरीली शराब से हुई मौत के बाद शासन की सख्ती बढ़ी, ताे नशेड़ी बंदियों से जेल ओवरलोड हो गया। मुजफ्फरपुर जेल की क्षमता 2200 कैदियों की है। फिलहाल यहां 4600 कैदी शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बंद हैं। बीते एक सप्ताह में मुजफ्फरपुर पुलिस ने 908 शराबियों और शराब तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

अब जेल प्रशासन के लिए कैदियों की बढ़ती संख्या और अधिक नशे की लत वाले बंदी परेशानी का कारण बन गए हैं। ऐसे बंदी जेल में अजीब-अजीब हरकत कर रहे हैं। कई बार हंगामा करने करने लगते हैं। इन कैदियों काे संभालना मुश्किल हो रहा है। इससे परेशान जेल अधीक्षक बृजेश कुमार ने सिविल सर्जन को पत्र लिख कर सदर अस्पताल स्थित नशा विमुक्ति केंद्र फिर खोलने का अनुरोध किया है।

केंद्र में नशे से परेशान कैदियों का इलाज कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 16 नवंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शराबबंदी की समीक्षा के बाद रोज 50 से 90 आरोपी गिरफ्तारी के बाद मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल पहुंच रहे हैं। इनमें 95% गिरफ्तारी शराब से संबंधित मामले में हाे रही है। बड़ी संख्या में स्मैकिए भी जेल जा रहे हैं। इन्हें हर शाम नशा चाहिए, जाे मिल नहीं पाता। फिर ये अजीब हरकतें करने लगते हैं।

नाम पूछने पर बंदी सुनाने लगा गिनती, पटना रेफर
जेल अधिकारी ने कहा कि नशे की लत वाले एक 30-32 साल के बंदी के हाथ-पैर कांप रहे थे। वह शहरी क्षेत्र से गिरफ्तार हुआ था। नाम पूछने पर उसने 1,2,3,4,5… गिनती सुनाने लगा। अजीब तरह की हरकतें कर रहा था। जेल के डॉक्टर जब उसको नहीं संभाल सके, तो एसकेएमसीएच भेजा गया। एसकेएमसीएच से पीएमसीएच रेफर कर दिया गया।

वहां से इलाज के बाद लाैटा, ताे पैर पर गिर पड़ा। बताया कि वह स्मैक का आदी है। एक दिन भी बिना स्मैक के नहीं रह सकता। कुछ ऐसी ही हरकतें सुबह-शाम शराब की लत वाले बंदी भी करने लगते हैं। शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा के अधीक्षक बृजेश कुमार के अनुसार जेल के डॉक्टर किसी तरह ऐसे बंदियों को संभालने का प्रयास कर रहे हैं।

लेकिन, संख्या काफी ज्यादा रहने और गंभीर स्थिति के कारण सिविल सर्जन से नशा मुक्ति केंद्र अविलंब चालू करने का अनुरोध किया गया है। वहां रख कर इलाज करने से ऐसे लाेगाें में सुधार तेजी से आता है। इसलिए यदि इन बंदियों का सदर अस्पताल में इलाज होगा, तो संभव है कि स्वस्थ होने पर इनकी आदत में सुधार हो। भविष्य में ये फिर आम लोगों की तरह जीने लग सकते हैं।

सिविल सर्जन ने कहा

  • जेल प्रशासन से नशा मुक्ति केंद्र खोलने के लिए पत्र मिला है। पूर्व में भी उनका पत्र आया था। जल्द ही सदर अस्पताल में बंद नशा मुक्ति केंद्र को चालू किया जाएगा। – विनय कुमार शर्मा, सिविल सर्जन

एसएसपी ने कहा

  • पूरे जिले में देसी-विदेशी शराब के खिलाफ अभियान चल रहा है। शराब के खिलाफ हाल में शुरू अभियान में अब तक 908 लोगों को जेल भेजा गया है। शराब से संबंधित मामलों में गिरफ्तारी अभियान जारी रहेगा। – जयंत कुमार, एसएसपी

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बिहार | दैनिक भास्कर

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