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डेढ़ करोड़ की ठगी में विदेशी समेत तीन गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर फैला रखा था जाल

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

Updated Fri, 16 Oct 2020 05:50 AM IST

गिरफ्त में आरोपी…
– फोटो : amar ujala

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दिल्ली पुलिस की साइबर यूनिट ने हर्बल प्रोडक्ट के कारोबार में फायदा दिलाने के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में एक विदेशी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अब तक आधा दर्जन लोगों से ठगी कर चुके हैं।

पुलिस उपायुक्त अन्येश राय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नाईजीरिया निवासी कोलीनेस, गाजियाबाद निवासी अबरार अहमद अंसारी और डाबड़ी निवासी मयंक शर्मा के रूप में हुई है। एक शख्स ने साइबर यूनिट में 3.67 लाख रुपये की ठगी करने की शिकायत की थी। उसने बताया कि आरोपी उससे फेसबुक के माध्यम से मिला था। उसने खुद को यूके की दवा कंपनी का नुमाइंदा बताया और कहा कि कंपनी नोवालडिक नट प्लांट खरीदना चाहती है। 

यह पौधा केवल भारत के मिजोरम में पाया जाता है। सरकारी कानून की वजह से कंपनी सीधे तौर पर पौधा नहीं खरीद सकती है। इसलिए पीड़ित को किसान से पौधा खरीदकर कंपनी को बेचने के लिए कहा गया, जिसमें उसे पांच सौ फीसदी फायदा देने का वादा किया गया था।

शिकायतकर्ता के हामी भरने के बाद उसे एक फोन नंबर भी दिया गया था, जिससे संपर्क कर वह पौधा खरीद सकता है। शिकायतकर्ता से तीन लाख 60 हजार रुपये कंपनी के खाते में

डलवाए गए। उसके बाद से लगातार किसी न किसी बहाने से उससे रुपये की मांग की जाने लगी। शक होने पर उसने इसकी शिकायत कर दी। पुलिस ने पहले डाबड़ी निवासी मयंक को गिरफ्तार किया और फिर अन्य दो को गिरफ्तार कर लिया। 

पुलिस ने बताया कि कोलीनेस 2013 में भारत आया और 2016 में वीजा खत्म होने के बाद से वह अवैध रूप से यही रहने लगा। एक साल से वह अपने सहयोगियों के साथ ठगी कर रहा था। इन लोगों ने गुजरात के एक शख्स से 92 लाख की ठगी कर चुके हैं।

दिल्ली पुलिस की साइबर यूनिट ने हर्बल प्रोडक्ट के कारोबार में फायदा दिलाने के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में एक विदेशी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अब तक आधा दर्जन लोगों से ठगी कर चुके हैं।

पुलिस उपायुक्त अन्येश राय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नाईजीरिया निवासी कोलीनेस, गाजियाबाद निवासी अबरार अहमद अंसारी और डाबड़ी निवासी मयंक शर्मा के रूप में हुई है। एक शख्स ने साइबर यूनिट में 3.67 लाख रुपये की ठगी करने की शिकायत की थी। उसने बताया कि आरोपी उससे फेसबुक के माध्यम से मिला था। उसने खुद को यूके की दवा कंपनी का नुमाइंदा बताया और कहा कि कंपनी नोवालडिक नट प्लांट खरीदना चाहती है। 

यह पौधा केवल भारत के मिजोरम में पाया जाता है। सरकारी कानून की वजह से कंपनी सीधे तौर पर पौधा नहीं खरीद सकती है। इसलिए पीड़ित को किसान से पौधा खरीदकर कंपनी को बेचने के लिए कहा गया, जिसमें उसे पांच सौ फीसदी फायदा देने का वादा किया गया था।

शिकायतकर्ता के हामी भरने के बाद उसे एक फोन नंबर भी दिया गया था, जिससे संपर्क कर वह पौधा खरीद सकता है। शिकायतकर्ता से तीन लाख 60 हजार रुपये कंपनी के खाते में
डलवाए गए। उसके बाद से लगातार किसी न किसी बहाने से उससे रुपये की मांग की जाने लगी। शक होने पर उसने इसकी शिकायत कर दी। पुलिस ने पहले डाबड़ी निवासी मयंक को गिरफ्तार किया और फिर अन्य दो को गिरफ्तार कर लिया। 

पुलिस ने बताया कि कोलीनेस 2013 में भारत आया और 2016 में वीजा खत्म होने के बाद से वह अवैध रूप से यही रहने लगा। एक साल से वह अपने सहयोगियों के साथ ठगी कर रहा था। इन लोगों ने गुजरात के एक शख्स से 92 लाख की ठगी कर चुके हैं।

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