Monday, November 29, 2021
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टंकी पर चढ़े किसान: प्रशासन ने 24 घंटे बाद भी जलघर की टंकी पर चढ़े किसानों के साथ नहीं की मीटिंग, रात को रोटी पानी ऊपर ही खाया

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  • Even After 24 Hours, The Administration Did Not Hold A Meeting With The Farmers Who Climbed The Water Tank, Ate Bread And Water At Night.

चंडीगढ़5 मिनट पहले

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डबवाली गांव के जलघर की टंकी पर चढ़े तीन किसान।

सिरसा के डबवाली गांव में जमीन अधिग्रहण मुआजवे की मांग को लेकर जलघर की टंकी पर चढ़े किसानों ने रात ऊपर ही गुजारी।नीचे से दूसरे किसान रस्सी के माध्यम से ऊपर खाना भेजते थे। गुजरात के जाम नगर से पंजाब के अमृतसर भारत माला प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए डबवाली गांव में किसान राकेश फोगडिया, सतनाम सिंह, सुरजीत सिंह वीरवार को जलघर की टंकी पर चढ़ गए थे। किसानों ने टंकी पर चढ़े 24 घंटे से ज्यादा का समय हो चुका है। परंतु प्रशासन ने किसानों के साथ कोई बातचीत नहीं की। किसान राकेश फोगडिया का कहना है कि भारत माला परियोजना के तहत एनएचएआई द्वारा जमीन अधिग्रहण का मुआवजा मार्केट रेट का चार गुणा मांग दिया जाए। किसानों का कहना है कि नौ गांवों की 700 एकड़ जमीन अधिग्रहण में एक समान मुआवजा नहीं है। चौटाला गांव में एक राजनेता की जमीन 80 लाख रुपये प्रति एकड़ अधिग्रहित की गई है। जबकि एनएचएआई ने किसी गांव को 10 लाख तो किसी को 27 लाख मुआवजा दिया है। एनएचएआई ने तीन गांवों की जमीनों का कब्जा लेकर उसमें खड़ी फसलें बर्बाद कर दी। जब तक मुआवजा पूरा नहीं मिलता, रोड का कार्य पूरा नहीं होने दिया जाएगा।

नौ गांवों की जमीन है अधिग्रहित

भारत माला प्रोजेक्ट में डबवाली के नौ गांवों की 700 एकड़ जमीन नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया द्वारा अधिग्रहित की जा रही है। एनएचएआई ने कलेक्टर रेट का दो गुणा मुआवजा दिया है, किसान चार गुणा अधिक की मांग कर रहे हैं। इसी के चलते तीन किसान डबवाली गांव के जलघर की टंकी पर चढ़ गए। किसानों का कहना है रेतीली और नहरी भूमि का मुआवजा एक समान और मार्केट रेट का होना चाहिए। एनएचआई अधिग्रहित जमीन के साथ आसपास गांवों की जमीन खराब कर रही है। अधिग्रहित जमीन के साथ बाकी जमीन के लिए रास्ते का उचित प्रबंध हो, खाल में पानी के लिए पर्याप्त व्यवस्था की मांग भी शामिल है। अधिग्रहित जमीन में आने वाले घर और टयूबवेल का मुआवजा भी चार गुणा दिया जाए।

विशेष गिरदावरी की मांग को लेकर जलघर की टंकी पर चढ़ गए थे किसान

विशेष गिरदावरी की मांग को लेकर जलघर की टंकी पर चढ़ गए थे किसान

तीन साल पहले सिरसा में गांव के जलघर की टंकी पर चढ़े थे पांच किस

अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष कमेटी के प्रधान विकल पचार करीब सितंबर 2018 में पहले सिरसा खंड के एक गांव में अपने पांच साथियों के टंकी पर चढ़ गए थे। विकल पचार की मांग थी कि सरकार कपास की खराब फसल का मुआवजा जल्दी जारी करें। तब यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था।

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चंडीगढ़ | दैनिक भास्कर

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