Wednesday, December 8, 2021
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जिंदा को कागजों में किया मृत घोषित: जिंदा होने के सबूत लेकर तीन साल से सरकारी ऑफिसों के लगा रहा चक्कर, मुआवजे से किया वंचित

बारां32 मिनट पहले

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पीड़ित रतन लाल बंजारा।

बारां जिले के छीपाबड़ौद क्षेत्र का रतन लाल बंजारा अपने आप को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी ऑफिसों के चक्कर लगा रहा है। उसको परवन परियोजना के कागजों में मृत बता दिया गया। जिंदा होने के प्रमाण के साथ वह अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। उसके बाद भी उसे कागजों में जिंदा नहीं किया जा रहा है।

रतन लाल बंजारा ने बताया कि उसकी कोई अधिकारी सुनने को तैयार ही नहीं है। परवन परियोजना के कागजों में मृत घोषित करने के कारण उसे आवास और अन्य मुआवजे नहीं मिल रहे है। इसके लिए वह तीन साल से जिंदा होने के सबूतों के साथ अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है। हालांकि, उसे हर महीने वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है। विधायक प्रताप सिंह सिंघवी, कलेक्टर सहित विभागों के चक्कर काट चुका है, लेकिन परवन सिंचाई परियोजना की मुआवजे की लिस्ट में उसे मृत बता दिया। ऐसे में अब खुद को जिंदा साबित करने के लिए चक्कर काट रहा है।

विधायक प्रताप सिंह सिंघवी का कहना है की परवन परियोजना की लापरवाही और मुआवजे वितरण में भ्रष्टाचार के कारण मालोनी गांव के रतन लाल बंजारा को मृत घोषित कर दिया। यह घोर लापरवाही है, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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राजस्थान | दैनिक भास्कर

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