जालंधर में 1974 पोलिंग बूथों पर होगी वोटिंग: इस बार 108 बूथ बढ़ाए, 16,50,867 मतदाता करेंगे मतदान, 45,610 बुजुर्ग घर से डालेंगे वोट

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जालंधर6 घंटे पहले

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डीसी घनश्याम थोरी चुनाव की तैयारियों को लेकर जानकारी देते हुए।

विधानसभा चुनाव को लेकर जालंधर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है और तैयारियों में जुट गया है। जिला के 9 विधानसभा क्षेत्रों के लिए इस बार 1974 पोलिंग केंद्र बनाए गए हैं, जबकि पिछली बार यह संख्या 1866 थी। इस बार 108 बूथ बढ़ाए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर जालंधर घनश्याम थोरी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर 17 और केंद्र भी बनाए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस बार जिले के 9 विधानसभा क्षेत्रों में 16,50,867 मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। इनमें से इस बार 8 लाख 58 हजार पुरुष मतदाता और 7 लाख 92 हजार महिला मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि जिनकी वोटर आईडी कार्ड नहीं बना है वह 28 जनवरी तक अपना वोटर आई कार्ड बनवा सकते हैं। जहां तक एनआरआई का सवाल है वह अपना वोटर आईडी कार्ड साथ लाकर वोट डाल सकते हैं।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि चुनाव की तैयारियां कर भी ली गई हैं और चल भी रही हैं। चुनाव आयोग की हिदायतों के अनुसार जिले में आदर्श आचार चुनाव संहिता लागू हो गई है। सरकारी स्तर पर कोई भी नए काम शुरू नहीं होंगे, जबकि जो चल रहे हैं उन्हें रोका् नहीं जाएगा वह चलते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि जिले में नजर रखने के लिए प्रथम चरण में 9 फ्लाइंग स्क्वायड में आ गए हैं। इन फ्लाइंग स्क्वायड ने अपनी वर्किंग शुरू कर दी है। प्रथम चरण में फ्लाइंग स्क्वायड ने डिफेसमेंट का काम शुरू किया है, जिसके तहत शहर और शहर के बाहर जिले के अन्य स्थानों पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रचार की सामग्री हटाई जा रही है। पिछले कल बहुत जगह पर राजनीतिक नेताओं के लगे पोस्टर और बेनर हटाए थे।

उन्होंने सियासी दलों के नेताओं से कहा कि जहां कहीं भी अपनी चुनाव प्रचार की सामग्री चस्पा करें या फिर बैनर आदि लगाएं उससे पहले उसकी परमिशन जरूर लें। चाहे वह किसी के निजी भवन या प्रॉपर्टी में ही लगाना है, लेकिन उसकी भी संपत्ति के मालिक से परमिशन जरूरी है।

उन्होंने कहा कि अब हथियार लेकर चलने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। जिले में पुलिस कमिश्नरेट की हद में आते इलाकों में कुल 7947 लाइसेंसी हथियार हैं। इन्हें जमा करवाने का प्रोसेस चला दिया गया है और पिछले कल तक 5855 हथियार जमा हो चुके हैं। इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में 8473 लाइसेंसी हथियार हैं, जिनमें से 7090 जमा हो चुके हैं।

80 प्लस वाले घर से भी डाल सकेंगे वोट

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि इस बार 80 प्लस उम्र के मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने एक नया ऑप्शन दिया है। इस ऑप्शन के तहत 80 प्लस उम्र वाले मतदाता यदि पोलिंग बूथ पर आकर मतदान नहीं करना चाहते तो वह घर से ही पोस्टल बैलट के माध्यम से घर से ही मतदान कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें पहले आवेदन करना पड़ेगा। इसके बाद दो चुनाव अधिकारी जिनके साथ पुलिस के अधिकारी भी होंगे घर पर जाकर पोस्टल बैलट वोट डलवा कर लाएंगे। इसके लिए भी टीमें गठित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह ऑप्शन दिव्यांगों के लिए भी रहेगी। वह भी घर से पोस्टल बैलट के जरिए मतदान कर सकते हैं। इस वक्त जिले में 80 प्लस की संख्या 45610 है जबकि जिले में दिव्यांग वोटर 11692 हैं।

डोर टू डोर प्रचार की अनुमति

डीसी ने कहा कि किसी भी दल का कोई प्रत्याशी चुनाव हिदायतों के अनुसार 15 जनवरी तक किसी भी तरह की कोई रैली, जनसभा, नुक्कड़ मीटिंग इत्यादि कुछ नहीं कर सकता, लेकिन यदि वे चाहे तो अपने साथ सिर्फ 5 लोगों को लेकर डोर टू डोर प्रचार कर सकता है, लेकिन यदि डोर में डोर टू डोर प्रचार के दौरान भीड़ जुटाई तो उस पर एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रैलियों, जनसभाओं, नुक्कड़ मीटिंगों के बारे में फैसला 15 जनवरी के बाद चुनाव आयोग की हिदायतें मिलने के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोरोना का स्पाइक कंट्रोल में आ जाएगा तो परमिशन मिलेगी अन्यथा सब कुछ वर्चुअल ही चलेगा।

अब सिर्फ संवेदनशील और क्रिटिकल दो ही तरह के बूथ

पहले संवेदनशील और अतिसंवेदनशील दो तरह के बूथ चुनाव आयोग की हिदायतों के बाद छांट कर निकाले जाते थे, लेकिन अब सिर्फ खतरे वाले दो ही तरह के बूथ निकाले जाते हैं। एक जहां पर बूथ कैप्चरिंग या फिर किसी समुदाय का बाहुल्य होने पर गड़बड़ी होने की आशंका हो उसे संवेदनशील कैटेगरी में रखा जाता है। जालंधर में ऐसे पोलिंग बूथों की संख्या 480 है। जबकि क्रिटिकल कैटेगरी में अब वो केंद्र लिए जाते हैं जिसकी हिस्ट्री ऐसी रही हो कि नब्बे प्रतिशत तक वोट सिर्फ एक ही प्रत्याशी को पड़ गए हों। ऐसे केंद्रों की संख्या जालंधर में शून्य है।

नौ बूथों को सिर्फ महिलाएं करेंगी मैनेज

जालंधर में नौ विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक बूथ ऐसा बनाया जाएगा जिसे सिर्फ महिलाएं ही मैनेज करेंगे। डीसी ने कहा कि महिला शक्ति को आगे करने के इरादे से ऐसा किया जा रहा है, ताकि महिलाएं खुलकर आगे आ सकें। उन्होंने कहा कि इसी तरह से दिव्यांगों के लिए भी एक केंद्र पिंगल वाड़ा में विशेष रूप से बनाया जा रहा है, जिसे सिर्फ दिव्यांग ही मैनेज करेंगे। इसके अलावा जिले में 59 मॉडल पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे, जिसे पोलिंग अफसर तय करेंगे कि कहां पर बनाने हैं।

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पंजाब | दैनिक भास्कर

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