जालंधर जिले में नकोदर सीट छोड़ कांग्रेस ने उतारे उम्मीदवार: परगट-रिंकू की नहीं बदली सीट, राजेंद्र बेरी के सियासी भविष्य से भी छंटे खतरे के बादल

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जालंधर7 मिनट पहले

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कांग्रेस हाईकमान ने शनिवार को पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर 86 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। सूची में जालंधर जिले के विधानसभा क्षेत्रों में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा, पार्टी ने पुराने लोगों पर ही दांव लगाया है। अभी तक अटकटें लगाई जा रही थी कि जांलधर वेस्ट से विधायक सुशील रिंकू की सीट बदली जा सकती है और परगट सिंह ने सीट बदलने के लिए हाईकमान को कहा है।

कांग्रेस आलाकमान की ओर से जारी सूची में किसी सीट पर बदलाव नहीं दिखा है। परगट सिंह जालंधर कैंट से ही चुनाव लड़ेंगे और सुशील रिंकू भी जालंधर वेस्ट से ही अपना चुनावी भविष्य आजमाएंगे। कांग्रेस ने आदमपुर से कैंडिडेट सुखविंदर सिंह कोटली को उतारा है। काफी दिनों से चर्चा गर्म थी कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपनी चमकौर साहिब सीट के साथ-साथ आदमपुर सीट से भी चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस हाईकमान की पहली सूची ने इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। वहीं फिल्लौर से बिक्रमजीत सिंह को उतारा है। बिक्रमजीत पिछले साल अक्टूबर महीने में शिरोमणि अकाली दल छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए। बिक्रमजीत ने पिछला चुनाव भी कांग्रेसी लड़ा था।

जालंधर जिले की सीटों पर घोषित प्रत्याशी

  • जालंधर नार्थ – बाबा हेनरी
  • जालंधर सेंट्रल – राजेंद्र बेरी
  • जालंधर वेस्ट – सुशील रिंकू
  • जालंधर कैंट – परगट सिंह
  • शाहकोट – हरदेव सिंह लाडी
  • फिल्लौर – विक्रमजीत सिंह चौधरी
  • करतारपुर – चौधरी सुरेंद्र सिंह
  • आदमपुर – सुखविंदर सिंह कोटली

सीटें बदलने को लेकर हुई थी बहस

पंजाब में टिकट वितरण के लिए नाम फाइनल करने के लिए आलाकमान के साथ चल रही मीटिंग में जालंधर की 2 सीटों को लेकर बहस हुई। सूत्रों के अनुसार मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के मध्य माहौल गरमा गया था। बहस सुशील रिंकू की सीट को लेकर थी। नवजोत सिद्धू चाहते थे कि रिंकू को आदमपुर सीट से चुनाव में उतारा जाए। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपने रिश्तेदार और पूर्व सांसद महेंद्र सिंह केपी के लिए सीट की मांग कर रहे थे। इसी दौरान नवजोत सिद्धू ने अपने दोस्त परगट सिंह की सीट बदलने के लिए भी कहा। हाईकमान ने बात सबकी सुनी लेकिन फैसला अपने मन से किया। पहली सूची में न तो पंजाब की कांग्रेस लीडरशिप के कहने पर किसी की सीट बदली और ना ही काटी।

नकोदर पर फैसला अगली लिस्ट में

कांग्रेस हाईकमान ने अपनी पहली सूची में जालंधर की नकोदर सीट को छोड़कर से सभी पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। नकोदर सीट पर फैसला कांग्रेस हाईकमान अगली सूची में करेगा। नकोदर सीट पर इस बार जालंधर के मीठापुर निवासी और प्रदेश के शिक्षा मंत्री परगट सिंह चुनाव लड़ना चाहते थे। लेकिन नवजोत सिद्धू के परगट की वकालत करने के बावजूद हाईकमान ने फैसला नहीं पलटा और इस बार भी परगट को जालंधर कैंट से मैदान में उतारा है।

CM के जालंधर दौरे के दौरान कांग्रेस जॉइन करते सुखविंदर कोटली।

CM के जालंधर दौरे के दौरान कांग्रेस जॉइन करते सुखविंदर कोटली।

2012 में कोटल ने बसपा से लड़ा था चुनाव

हाल ही में BSP नेता सुखविंदर सिंह कोटली ने कांग्रेस जॉइन की थी। कोटली 2012 में आदमपुर सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। उस समय उन्हें 25 हजार के करीब मत मिले थे। 2014 में बसपा के टिकट पर ही कोटली ने लोकसभा चुनाव लड़ा, इसमें उन्हें 47 हजार के करीब वोट मिले। सुखविंदर सिंह कोटली ने 2021 दिसंबर में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के जालंधर दौरे के दौरान बसपा छोड़कर कांग्रेस जॉइन की थी।

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पंजाब | दैनिक भास्कर

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