Wednesday, December 8, 2021
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जर्मनी में रीयूजेबल कांच व प्लास्टिक बोतलों का चलन बढ़ा: स्टोर में लौटाने पर मिलता है डिपाॅजिट, 98% वापस आ रहीं, इससे उत्सर्जन घट रहा

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  • Reusable Glass And Plastic Bottles Are In Trend In Germany, They Get Deposits On Returning Them To The Store, 98% Are Coming Back, Reducing Emissions

बर्लिन8 मिनट पहले

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सिंगल यूज डिस्पोजेबल चैनल के तहत लौट रहे वापस, हो रहा निस्तारण।

  • 18 साल पहले ऐसी 300 करोड़ बोतलें व चीजें फेंक दी जाती थी

जर्मनी का कोलोन शहर। सामान से भरे झोले लेकर लौटने के बजाय यहां वीकेंड और रविवार को लोग खाली बोतलें और डिब्बों से भरे झोले लेकर सुपरमार्केट जाते दिखाई देते हैं। ये लोग साॅफ्ट ड्रिंक या ऐसे अन्य पेय के इस्तेमाल के बाद बची खाली बोतलें वापस करने आए हैं। दरअसल, जब लोग सॉफ्ट ड्रिंक खरीदते हैं, तो दुकानदार उनसे इन खाली बाेतलों या डिब्बों के पैसे भी जमा करवाते हैं। जर्मन भाषा में इसे फांड यान जमा राशि कहा जाता है। जब उपभोक्ता इन्हें स्टोर को लौटाते हैं, तो उन्हें जमा पैसा मिल जाता है।

एनजीओ एनवायरन्मेंटल एक्शन जर्मनी (डीयूएच) के टॉमस फिशर ने डीडब्ल्यू को बताया, ‘2003 से पहले, करीब 300 करोड़ डिस्पोजेबल बोतलें और डिब्बे हर साल खुले में फेंक दिए जाते थे। इससे पर्यावरण को नुकसान होता थाे। अब जर्मनी बदल गया है। आज डिस्पोजेबल सामग्री की 98 प्रतिशत वापसी हो रही है।’ फिशर के मुताबिक इससे ज्यादा वापसी संभव नहीं है, क्योंकि टूट-फूट जैसी ही तमाम दिक्कतें आती हैं। वापसी में दो प्रकार की बोतलें आती हैं।

पहली वे जिनमें फैक्ट्री निर्माता द्वारा निर्धारित जमा राशि तय है। इन्हें कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है और वे कांच या पेट प्लास्टिक की बनी होती हैं। दूसरी वह हैं, जो सिर्फ एक बार इस्तेमाल होते हैं। फिर उन्हें रिसाइकिल कर दिया जाता है। इन पर डिपॉजिट सरकार निर्धारित करती है। यह राशि 25 रुपए तक होती है।

यूबीए के विशेषज्ञ गेरहार्ड कोश्चिक ने बताया कि दोबारा इस्तेमाल और सिंगल यूज बोतलों के वापस होने से कच्चे माल, ऊर्जा और सीओटू उत्सर्जन में कमी आती है।कुछ साल पहले जो स्थिति थी उसकी तुलना में हम 70 फीसदी कम पीईटी सामग्री इस्तेमाल कर रहे हैं। रीयूजेबल और रीसाइकिल बिजनेस इतना आकर्षक है कि सुपर बाजार चेन लीडल ने तो अपना रिसाइक्लिंग ग्रुप ही बना डाला है।

कांच की बोतलें 50 बार इस्तेमाल होती हैं, प्लास्टिक की 25 बार

जब रीफिल हो सकने वाली बोतलें स्टोर पर लौटाई जाती है तो विभिन्न चैनल से होकर बोतल का उपयोग करने वाले उत्पादकों तक पहुंचाया जाता है। जर्मन पर्यावरण एजेंसी (यूबीए) के मुताबिक ऐसी कांच की बोतल को गुणवत्ता में गिरावट आए बिना 50 बार भरा जा सकता है। दोबारा इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक बोतलों की रीफिलिंग 25 बार हो सकती है। वहीं, सिंगल यूज वाली बोतलें स्टोर से इकट्ठा करने के बाद रिसाइक्लिंग प्लांट तक पहुंचाया जाता है। वहां उनसे फिर नई प्लास्टिक बोतलें, कपड़ा या दूसरा सामान बनता है। इनमें डिटर्जेंट के डिब्बे भी शामिल हैं।

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विदेश | दैनिक भास्कर

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