जम्मू कश्मीर: चिकित्साकर्मियों के संक्रमित होने के बाद एसोसिएटेड अस्पतालों में कल से रूटीन सर्जरी बंद, इमरजेंसी सेवा रहेगी बहाल 

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सार

प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के कारण कई तरह की पांबदियां लागू कर दी गई हैं। लगातार स्वास्थ्य कर्मियों के भी संक्रमित होने का असर भी पढ़ने लगा है। इसके चलते सोमवार से रूटीन ऑपरेशन बंद करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ कम करने के लिए संबंधित विभागों में ओपीडी के लिए फोन पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

गांधी नगर अस्पताल
– फोटो : अमर उजाला

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कोरोना की तीसरी लहर में गैर कोविड मरीजों की चिकित्सा देखभाल पर मार पड़ी है। कोरोना के बढ़ते मामलों और बड़ी संख्या चिकित्सा कर्मियों के संक्रमित होने से 17 जनवरी से जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में चुनिंदा (इलेक्टिव) रुटीन सर्जरी को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ कम करने के लिए संबंधित विभागों में ओपीडी के लिए फोन पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसे भी अगले हफ्ते से प्रभावी बना दिया जाएगा।

उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया फैसला 
इसके लिए संबंधित विभागों में फोन सक्रिय किए जा रहे हैं। जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। एसोसिएटेड अस्पतालों में प्रमुख रूप से एसएमजीएस, सुपर स्पेशियलिटी और जीएमसी में रोजाना दर्जनों रूटीन सर्जरी होती हैं। इनमें सुपर स्पेशियलिटी में न्यूरो सर्जरी, सीटीवीटीएस, यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी के अलावा एसएमजीएस में ईएनटी, जीएमसी में मेडिसिन, सर्जरी, आरथो आदि की रूटीन सर्जरी होती है।
 

मरीजों को मजबूरन लंबा इंतजार या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा
इन रूटीन सर्जरी के लिए मरीज को महीनों बाद की तिथि मिलती है, लेकिन अब रूटीन सर्जरी निलंबित होने से ऐसे मरीजों को मजबूरन लंबा इंतजार या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा। इससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। एसोसिएटेड अस्पतालों में जीएमसी, एसएमजीएस, सीडी, साइकाइटरी, सुपर स्पेशियलिटी काम कर रहे हैं। इन्हीं अस्पतालों से बड़ी संख्या में स्टाफ संक्रमित हो चुका है।
 

रूटीन सर्जरी में लगे स्टाफ को कोविड चिकित्सा देखभाल प्रबंधन में लगाया जाएगा
जिससे तीसरी लहर के पीक पर पहुंचने के दौरान स्टाफ की उपलब्धता चुनौती रहेगी। बैठक में बताया गया कि रूटीन सर्जरी प्रबंधन में लगे स्टाफ को कोविड चिकित्सा देखभाल प्रबंधन में लगाया जाएगा। दूसरी लहर के दौरान भी रूटीन सर्जरी निलंबित करके ओपीडी में फोन पर रजिस्ट्रेशन शुरू की गई थी।

जिसके बाद हालात सामान्य होने पर ओपीडी को बहाल किया गया था। एसोसिएटेड अस्पतालों में अलग से इंफ्लूएंजा (खांसी, जुकाम, बुखार आदि) संबंधी बीमारियों के लिए अलग से ओपीडी केंद्र शुरू करने की भी तैयारी की जा रही है।

विस्तार

कोरोना की तीसरी लहर में गैर कोविड मरीजों की चिकित्सा देखभाल पर मार पड़ी है। कोरोना के बढ़ते मामलों और बड़ी संख्या चिकित्सा कर्मियों के संक्रमित होने से 17 जनवरी से जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में चुनिंदा (इलेक्टिव) रुटीन सर्जरी को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ कम करने के लिए संबंधित विभागों में ओपीडी के लिए फोन पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसे भी अगले हफ्ते से प्रभावी बना दिया जाएगा।

उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया फैसला 

इसके लिए संबंधित विभागों में फोन सक्रिय किए जा रहे हैं। जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। एसोसिएटेड अस्पतालों में प्रमुख रूप से एसएमजीएस, सुपर स्पेशियलिटी और जीएमसी में रोजाना दर्जनों रूटीन सर्जरी होती हैं। इनमें सुपर स्पेशियलिटी में न्यूरो सर्जरी, सीटीवीटीएस, यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी के अलावा एसएमजीएस में ईएनटी, जीएमसी में मेडिसिन, सर्जरी, आरथो आदि की रूटीन सर्जरी होती है।

 

मरीजों को मजबूरन लंबा इंतजार या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा

इन रूटीन सर्जरी के लिए मरीज को महीनों बाद की तिथि मिलती है, लेकिन अब रूटीन सर्जरी निलंबित होने से ऐसे मरीजों को मजबूरन लंबा इंतजार या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा। इससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। एसोसिएटेड अस्पतालों में जीएमसी, एसएमजीएस, सीडी, साइकाइटरी, सुपर स्पेशियलिटी काम कर रहे हैं। इन्हीं अस्पतालों से बड़ी संख्या में स्टाफ संक्रमित हो चुका है।

 

रूटीन सर्जरी में लगे स्टाफ को कोविड चिकित्सा देखभाल प्रबंधन में लगाया जाएगा

जिससे तीसरी लहर के पीक पर पहुंचने के दौरान स्टाफ की उपलब्धता चुनौती रहेगी। बैठक में बताया गया कि रूटीन सर्जरी प्रबंधन में लगे स्टाफ को कोविड चिकित्सा देखभाल प्रबंधन में लगाया जाएगा। दूसरी लहर के दौरान भी रूटीन सर्जरी निलंबित करके ओपीडी में फोन पर रजिस्ट्रेशन शुरू की गई थी।

जिसके बाद हालात सामान्य होने पर ओपीडी को बहाल किया गया था। एसोसिएटेड अस्पतालों में अलग से इंफ्लूएंजा (खांसी, जुकाम, बुखार आदि) संबंधी बीमारियों के लिए अलग से ओपीडी केंद्र शुरू करने की भी तैयारी की जा रही है।

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