जम्मू-कश्मीर:  कोरोना प्रबंधन के लिए आईएएस शाहिद को राष्ट्रीय पुरस्कार, डीसी बांदीपोरा को भी मिला सम्मान

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अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 08 Jan 2022 02:34 AM IST

सार

वरिष्ठ नौकरशाह शाहिद इकबाल चौधरी को  कोविड के खिलाफ लड़ाई में आईटी आधारित कोरोना प्रबंधन के जरिए लोगों को राहत पहुंचाने के लिए को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। बांदीपोरा के उपायुक्त डॉ. ओवैस अहमद को पंचायत विकास सूचकांक विकसित करने के लिए पहला पुरस्कार दिया गया।

कोरोना के बढ़ते केस के बीच जम्मू के बाजार का नजारा।
– फोटो : संजय कुमार

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वरिष्ठ नौकरशाह एवं जनजातीय मामलों के विभाग के प्रशासनिक सचिव शाहिद इकबाल चौधरी को  कोविड के खिलाफ लड़ाई में आईटी आधारित कोरोना प्रबंधन के जरिए श्रीनगर के लाखों लोगों को राहत पहुंचाने के लिए को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। जबकि बांदीपोरा के उपायुक्त डॉ. ओवैस अहमद को पंचायत विकास सूचकांक विकसित करने के लिए पहला पुरस्कार दिया गया।

शुक्रवार को हैदराबाद में ई गवर्नेंस पर हुए 24वें राष्ट्रीय सम्मेलन में यह पुरस्कार प्रदान किए गए। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सूचना तकनीक राज्य मंत्री केटी रामा राव की मौजूदगी में यह पुरस्कार प्रदान किए। चौधरी भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2009 बैच के अधिकारी हैं। उन्हें कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं जिनमें 2014-15 के लिए प्रधानमंत्री ‘अवार्ड फॉर एक्सेलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन’ (बेहतरीन सुशासन के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार) भी शामिल है । 

इसबीच बांदीपोरा में जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए अभिनव डिजिटल प्रयोग पंचायत विकास सूचकांक (पीडीआई) के लिए अपनी तरह का पहला पुरस्कार प्रदान किया गया है। पीडीआई के लिए डैशबोर्ड को जून 2020 में जमीनी स्तर पर विकास की निगरानी के उद्देश्य से लॉन्च किया गया था।

 

पंचायतों में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन करने के अलावा विकास के विभिन्न संकेतकों को रिकॉर्ड करके निगरानी की जाती है। पंचायत विकास सूचकांक डॉ. ओवैस अहमद (आईएएस) उपायुक्त बांदीपुर की देखरेख में तैयार किया गया है। सूचकांक देश भर में सभी पंचायतों पर लागू होता है और माना जाता है कि यह पंचायतों के तेजी से परिवर्तन के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण साबित होता है।

विस्तार

वरिष्ठ नौकरशाह एवं जनजातीय मामलों के विभाग के प्रशासनिक सचिव शाहिद इकबाल चौधरी को  कोविड के खिलाफ लड़ाई में आईटी आधारित कोरोना प्रबंधन के जरिए श्रीनगर के लाखों लोगों को राहत पहुंचाने के लिए को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। जबकि बांदीपोरा के उपायुक्त डॉ. ओवैस अहमद को पंचायत विकास सूचकांक विकसित करने के लिए पहला पुरस्कार दिया गया।

शुक्रवार को हैदराबाद में ई गवर्नेंस पर हुए 24वें राष्ट्रीय सम्मेलन में यह पुरस्कार प्रदान किए गए। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सूचना तकनीक राज्य मंत्री केटी रामा राव की मौजूदगी में यह पुरस्कार प्रदान किए। चौधरी भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2009 बैच के अधिकारी हैं। उन्हें कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं जिनमें 2014-15 के लिए प्रधानमंत्री ‘अवार्ड फॉर एक्सेलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन’ (बेहतरीन सुशासन के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार) भी शामिल है । 


इसबीच बांदीपोरा में जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए अभिनव डिजिटल प्रयोग पंचायत विकास सूचकांक (पीडीआई) के लिए अपनी तरह का पहला पुरस्कार प्रदान किया गया है। पीडीआई के लिए डैशबोर्ड को जून 2020 में जमीनी स्तर पर विकास की निगरानी के उद्देश्य से लॉन्च किया गया था।

 

पंचायतों में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन करने के अलावा विकास के विभिन्न संकेतकों को रिकॉर्ड करके निगरानी की जाती है। पंचायत विकास सूचकांक डॉ. ओवैस अहमद (आईएएस) उपायुक्त बांदीपुर की देखरेख में तैयार किया गया है। सूचकांक देश भर में सभी पंचायतों पर लागू होता है और माना जाता है कि यह पंचायतों के तेजी से परिवर्तन के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण साबित होता है।

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