चंडीगढ़ में कोरोना के 1795 नए केस: मनीमाजरा में 145 केस; कुल एक्टिव मरीज 8511, वर्क फ्राम होम वाले कर्मचारियों की ड्यूटी कंट्रोल रूम में

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चंडीगढ़16 मिनट पहले

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फाइल फोटो।

चंडीगढ़ शहर में शनिवार को कोरोना के 1795 नए केस सामने आए। नए केस आने पर पॉजीटिविटी रेट 26.71 रिकार्ड किया गया। बीते दिन यह 25.21 प्रतिशत था। नए केसों के आने से शहर में कोरोना के कुल सक्रिय मरीज 8511 हो गए हैं। वहीं 5816 व्यस्कों को तथा 15 से 18 वर्ष के 1357 युवाओं को कोरोना वैक्सीन लगाई गई।

तीसरे दिन सबसे ज्यादा मनीमाजरा में मरीज

मनीमाजरा में सबसे अधिक 145 कोरोना के केस दर्ज किए गए। इसके अलावा सेक्टर 7 में 35, सेक्टर 15 में 42, सेक्टर 19 में 32, सेक्टर 20 में 34, सेक्टर 22 में 57, सेक्टर 23 में 31, सेक्टर 26 में 26, सेक्टर 32 में 44, सेक्टर 37 में 60, सेक्टर 38 में 37, सेक्टर 40 में 38, सेक्टर 41 में 44, सेक्टर 42 में 34, सेक्टर 44 में 55, सेक्टर 45 में 69, सेक्टर 46 में 80, सेक्टर 49 में 47, राम दरबार में 35, धनास में 46 केस सामने आए। अन्य सेक्टरों में इनसे कुछ कम केस दर्ज किए गए। दूसरी ओर 541 कोरोना मरीज ठीक भी हुए हैं।

कोविड हैल्थ कंट्रोल रुम बनाया

कोरोना से जुड़े मुद्दों को लेकर आज चंडीगढ़ प्रशासन के उच्चाधिाकरियों की एक अहम रिव्यू बैठक हुई।

इसमें प्रशासन के अफसरों के अलावा जीएमसीएच-32, डायरेक्टोरेट आफ हैल्थ सर्विसेज तथा पीजीआई के मेडिकल अफसर शामिल थे। इस दौरान बताया गया कि जीएमएसएच 16 में एक कोविड हेल्थ कंट्रोल रुम बनाया गया है। यह 24 घंटे ऑपरेशनल रहेगा और इसमें डॉक्टर, इंटर्न और सपोर्ट स्टाफ मौजूद रहेगा। वहीं कोरोना से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रशासन के पूरे स्वास्थ विभाग का एक ही हेल्पलाइन नंबर 1075 होगा। इस नंबर पर शहरवासी कोरोना से जुड़े मुद्दों जैसे वैक्सीनेशन, मेडिकल ऑक्सीजन, होम आईसोलेशन तथा अन्य मुद्दों को लेकर कॉल कर सकते हैं।

होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों पर ध्यान की जरुरत

मीटिंग के दौरान 98 प्रतिशत होम आइसोलेशन मरीजों की जानकारी भी सांझी करते हुए उनकी देखभाल की ओर विशेष ध्यान देने की जरुरत पर चर्चा की गई। इसके अलावा प्रशासन की ओर से निजी हॉस्पिटल में मेडिकल ऑक्सीजन के सही प्रयोग और इसकी बर्बादी से बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी देने की पहल के बारे में भी बताया गया। मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता से जुड़ा कोई मुद्दा नहीं है। ऐसे में निजी हॉस्पिटलों के लिए कोटा तय करने की जरुरत नहीं है।

डॉक्टरी सलाह के बाद ही मरीज हॉस्पिटल में भर्ती हो

मीटिंग में फैसला लिया गया कि कोविड के मरीज को हाॅस्पिटल में भर्ती करने को लेकर निर्णय संबंधित डॉक्टर द्वारा दिए गए स्वास्थ्य कारणों के आधार पर ही किया जाएगा। सिर्फ आइसोलेशन आदि के लिए ही मरीज को हाॅस्पिटल में भर्ती नहीं किया जाना चाहिए। जिन विभागों के कर्मियों को वर्क फ्रॉम होम दिया गया है उनकी सेवाएं सेक्टर 32 और सेक्टर 16 हॉस्पिटल में कंट्रोल रुम को 24 घंटे तक चलाने के लिए ली जाए।

टेस्टिंग के तय रेट की उल्लंघना पर कार्रवाई

इसके अलावा मीटिंग में फैसला लिया गया कि डीएचएस को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है िक कोविड टेस्टिंग को लेकर प्रशासन ने जो रेट लिस्ट तय की है वह निजी हास्पिटल और लैब अपने यहां डिस्प्ले करें। कोई भी शिकायत मिलने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ उचित्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा एंबुलेंस की क्षमता और फंक्शनिंग को लेकर चर्चा की गई और इनकी कमी की सूरत में रेड क्रॉस से मांग करने करने को कहा गया।

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चंडीगढ़ | दैनिक भास्कर

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