चंडीगढ़ को आज मिलेगा मेयर: आप और भाजपा के पास हैं 14-14 वोट, क्रॉस वोटिंग या किस्मत से तय होगा मेयर का नाम

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चंडीगढ़5 घंटे पहले

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भाजपा, आप और कांग्रेस के जीते हुए काउंसलर शुक्रवार को चंडीगढ़ पहुंच गए हैं।

शहर का मेयर कौन बनेगा इसका फैसला शनिवार को हो जाएगा। लेकिन पहली बार ऐसा है जब मेयर चुनाव से चंद घंटे पहले तक भाजपा, आप, कांग्रेस के जीते हुए काउंसलर शहर में नहीं थे। ये सभी शुक्रवार को चंडीगढ़ पहुंचे। इसकी एक ही वजह है- तीनों पार्टियों को डर था कि उनके काउंसलर को कोई दूसरी पार्टी तोड़ लेगी। भाजपा के सभी 13 काउंसलर शिमला में ठहरे हुए थे। भाजपा काे आप की ओर से तीन काउंसलर ताेड़े जाने का डर सताया तो मंगलवार देर रात ही सभी काउंसलर्स काे शिमला भेज दिया था।

वहीं, आप के 14 में से 13 काउंसलर वीरवार से बड़ाेग हाइट में ठहरे हुए थे। वे शुक्रवार दोपहर चंडीगढ़ पहुंचे। कांग्रेस के काउंसलर भी जयपुर से रवाना हाे चुके थे। वे भी देर रात तक चंडीगढ़ आ जाएंगे। भले ही आप के काउंसलर पहली बार जीते हैं। फिर भी आप से भाजपा और कांग्रेस काे अपने काउंसलर ताेड़े जाने का खतरा बना हुआ था। हालांकि भाजपा ने कांग्रेस का एक काउंसलर अपने पाले में मिलाकर इसकी शुरुआत की।

लेकिन आप के कुछ काउंसलर भी भाजपा के काउंसलर काे ताेड़ने के लिए संपर्क में लगे हुए थे। वहीं भाजपा आप के काउंसलर के संपर्क में थी। इसी डर से कांग्रेस, भाजपा और आप के काउंसलर शहर से बाहर निकले। इसके बाद भी माेबाइल से संपर्क बना रहा। जीते हुए काउंसलर को अपने पाले में मिलाने के लिए पार्टियां रिश्तेदाराें और दाेस्ताें के जरिए संपर्क करती रही।

ये हो सकता है…
1. वोट बराबर होने की सूरत में ड्रॉ से फैसला होगा, लेकिन क्रॉस वोटिंग का डर:
कांग्रेस और शिअद वॉकआउट करते हैं और भाजपा व आप में किसी साइड से वाेट क्राॅस नहीं हुई ताे ड्रॉ के जरिए पहली बार शहर काे मेयर मिलेगा। ड्रॉ में किसी भी पार्टी के काउंसलर ने वाेट क्राॅस किया तो दूसरी पार्टी का मेयर बनेगा। वाेट क्राॅस करवाने की कोशिश में दोनों ही पार्टियां लगी हुई हैं।

2. शिअद काउंसलर क्या करेंगे- वॉकआउट या भाजपा को वोट: शिअद का काउंसलर भाजपा मेयर कैंडिडेट के पक्ष में वाेट करते हैं, तो वाेट क्राॅस करवाने की जरूरत नहीं हाेगी। हालांकि शिअद काउंसलर हरदीप सिंह कह चुके हैं कि मेयर चुनाव के दाैरान हाउस से वॉकआउट करेंगे। हालांकि शिअद काउंसलर से भाजपा का लगातार संपर्क बना हुआ है। शिअद और भाजपा के कई साल पुराने संबंध रहे हैं। इन संबंधाें के कारण शिअद काउंसलर ने भाजपा कैंडिडेट काे वाेट दिया ताे उनका मेयर विजयी हाेगा।

3. कांग्रेस ने हिस्सा ले लिया तो भाजपा के लिए मुश्किल: कांग्रेस के 7 काउंसलर ने मेयर चुनाव की वाेटिंग में हिस्सा ले लिया ताे भाजपा का मेयर बनना मुश्किल हो सकता है। इसकी वजह- भाजपा ने उनके एक काउंसलर हरप्रीत काैर बबला काे अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला ने संकेत दिए थे कि चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। वोटिंग डे पर क्या होगा यह अभी स्पष्ट नहीं है। वाेटिंग करेंगे, बैलट पेपर खाली छाेड़कर उपस्थिति दर्ज करवाएंगे… कुछ भी हो सकता है।

आप का मेयर बनेगा, सभी काउंसलर एकजुट हैं और सभी दाेपहर बाद बड़ाेग से चंडीगढ़ पहुंच गए हैं। हमारे 14 काउंसलर जीतकर आए हैं। सबसे बड़ी पार्टी हाेने के नाते आप ही विकास कार्याें काे गति दे सकती है। इसे देखते हुए अन्य काउंसलर भी हमारा साथ देंगे।
प्रदीप छाबड़ा, सह प्रभारी आप

कांग्रेस के 7 काउंसलर शनिवार काे मेयर चुनाव में हिस्सा लेंगे। वैसे ताे तय है कि सभी काउंसलर वॉकआउट करेंगे। अगर वाेटिंग करने की जरूरत पड़ी ताे भाजपा और आप के कैंडिडेट काे वाेट नहीं देंगे। चाहे बैलट पेपर पर वाेट कैंसिल करनी पड़े।
राजेश शर्मा, प्रवक्ता कांग्रेस

भाजपा स्टेबिलिटी चाहती है। शहर के विकास के लिए भाजपा का निगम में सत्तासीन हाेना जरूरी है, क्याेंकि केंद्र में भाजपा सरकार है। निगम में अगर स्टेबिलिटी चाहते हैं ताे अन्य पार्टियाें के काउंसलर्स भाजपा के मेयर कैंडिडेट काे वाेट दें।
अरुण सूद, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष

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चंडीगढ़ | दैनिक भास्कर

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