गोरखपुर…CM योगी ने जानी कोरोना जांच और इलाज की हकीकत: BRD मेडिकल कॉलेज के डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल और RMRC लैब का किया निरीक्षण, बोले- कोरोना इलाज के हैं मुकम्मल इंतजाम

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गोरखपुर11 मिनट पहले

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निरीक्षण के दौरान जांच व इलाज की व्यवस्था देख वह संतुष्ट नजर आए और कहा कि यहां कोरोना जांच व इलाज का मुकम्मल इंतजाम है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल व रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) की लैब का निरीक्षण कर इलाज व जांच के इंतजामों की हकीकत जानी। निरीक्षण के दौरान जांच व इलाज की व्यवस्था देख वह संतुष्ट नजर आए और कहा कि यहां कोरोना जांच व इलाज का मुकम्मल इंतजाम है।

शनिवार को दोपहर बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे सीएम योगी सबसे पहले पांच सौ बेड की क्षमता वाले डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों से उनकी कार्यप्रणाली के बारे में पूछा। उन्होंने कंट्रोल रूम में लगे मॉनिटर से भर्ती मरीजों का इलाज होते भी देखा। बताया गया कि कुल 20 कोविड पॉजिटिव भर्ती हैं। इनमें से 12 गोरखपुर के तथा शेष अन्य जिलों तथा सीमावर्ती इलाकों के हैं।

इलाज में नहीं होनी चाहिए कोई कोताही
मुख्यमंत्री ने साथ में मौजूद प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की तरफ से हर प्रकार के संसाधन मुहैया कराए गए हैं। लिहाजा इलाज में किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल का जायजा लेने के बाद सीएम योगी लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट पहुंचे और यहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद वह रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर की लैब का निरीक्षण करने गए। मुख्यमंत्री को बताया कि यहां जांच के लिए अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। आरटीपीसीआर से प्रतिदिन दस हजार कोरोना जांच की सुविधा यहां उपलब्ध है। सीएम योगी ने जांच की व्यवस्था व यहां की क्षमता पर संतोष जताया।

नए वेरिएंट में जल्द रिकवर हो रही संक्रमित
उन्होंने कहा कि कोरोना के सेकेंड वेव में मरीजों को नेगेटिव होने में 15 दिन से एक माह तक का समय लग जा रहा था। लंग्स की क्रिटिकल समस्या और पोस्ट कोविड के मामले भी आ रहे थे। इसकी तुलना में थर्ड वेव उतनी खतरनाक नहीं है। नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर विशेषज्ञों के अनुसार अब तक तक जो ट्रेंड सामने आए हैं, उसमें यह सामान्य वायरल फीवर जैसा है। प्रदेश में इसकी पॉजिटिविटी रेट 6 प्रतिशत है, पर इसमें 99 प्रतिशत मामले होम आइसोलेशन के हैं।

होम आइसोलेट लोगों से इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर द्वारा सम्पर्क कर निरंतर समीक्षा की जा रही है। होम आइसोलेट लोगों को मेडीसिन किट उपलब्ध कराई गई है। गोरखपुर में कोरोना कि मामलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां 2241 एक्टिव केस हैं जिनमें से सिर्फ 12 को हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा यानी 0.5 प्रतिशत मामलों में ही हॉस्पिटलाइजेशन की जरूरत पड़ी है। शेष मरीज होम आइसोलेशन में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना वायरस अब कमजोर हो रहा है लेकिन अभी भी सभी को सावधानी और सतर्कता बरतनी होगी। सभी लोग शासन की तरफ से तय गाइड लाइन का पालन करते रहें।

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उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर

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