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कितनी लाभकारी है एलटीसी कैश योजना?

प्रीति गुप्ता एक नवरत्न कंपनी में काम करती हैं और उनकी 14 तथा 12 साल की दो संतानें पिछले कई साल से गर्मी की छुट्टियों में बाहर जाने की अभ्यस्त हैं। गुप्ता परिवार देश के अलग-अलग हिस्सों में घूमने के लिए एलटीसी (लीव ट्रैवल कन्शेसन) का इस्तेमाल करता है। कोविड के प्रतिबंधों के कारण इस बार गर्मी में परिवार कहीं जा नहीं पाया। पर पिछले सप्ताह नई एलटीसी कैश योजना के बारे में सुनने के बाद वह जानना चाहती हैं कि क्या इसका लाभ उठाना चाहिए। 

एलटीसी योजना क्या है?

एलटीसी योजना एक मदद है, जो कर्मचारियों को अपने नियोक्ता से छुट्टियों में बाहर जाने के दौरान मिलती है। कर्मचारी और उसका परिवार चार साल में एक बार छुट्टियां मनाने देश में कहीं भी जा सकते हैं। चार साल की मौजूदा अवधि 2018-2021 है। इसके तहत एलटीसी का लाभ उठाने वाला कर्मचारी अधिकतम 10 दिन का लीव इनकैशमेंट ले सकता है। यह लीव इनकैशमेंट मूल वेतन+ महंगाई भत्ते के आधार पर तय होता है। नई योजना में कर्मचारियों की तीन श्रेणियां हैं।

नई योजना की शर्तें
राज्य सरकारें तथा निजी क्षेत्र के नियोक्ता भी अपने कर्मचारियों को यह सुविधा दे सकते हैं, ताकि वे भी इस योजना का लाभ उठा सकें।
• योजना के तहत लीव इनकैशमेंट के तहत कर्मचारियों को वह पूरी नकदी लेनी होगी, जिसके वह हकदार हैं। यह अनिवार्य है।
• कर्मचारियों को किराये का तीन गुना और लीव इनकैशमेंट के तहत मिलने वाली राशि के बराबर का पैसा उन वस्तुओं और सेवाओं की खरीदारी पर खर्च करना होगा, जिन पर 12 फीसदी जीएसटी है।
• इस योजना का लाभ उठाने वाले कर्मचारियों को 31 मार्च, 2021 से पहले यह पूरी राशि खर्च करनी होगी।
• पैसा ऑनलाइन खर्च करना पड़ेगा और जीएसटी की रसीद जरूरी होगी। 
• 2018-21 की अवधि की एलटीसी योजना का लाभ न उठाने पर यह लैप्स हो जाएगी।

एक उदाहरण से इस योजना को समझ सकते हैं। इस योजना के बगैर 55,000 के मूल वेतन वाले एक सरकारी कर्मचारी को देश में कहीं भी जाने पर एसी 2 टियर का किराया मिलता है। अगर यह व्यक्ति चेन्नई से दिल्ली आता है, तो एक तरफ का किराया 3,500 रुपये पड़ेगा और पत्नी तथा दो बच्चों का आने-जाने का किराया 28,000 रुपये होगा। पर एलटीसी वाउचर स्कीम के तहत यह व्यक्ति 6,000 रुपये ट्रेन किराये के दायरे में आएगा। चार व्यक्तियों के परिवार को इस योजना के तहत 24,000 रुपये मिलेंगे। पर उसे वस्तुओं और सेवाओं की खरीद में 72,000 रुपये खर्च करने होंगे। उसे 10 दिन के लीव इनकैशमेंट के रूप में 18,333 रुपये भी मिलेंगे, पर यह पूरी राशि उसे खर्च करनी होगी। इस तरह उस व्यक्ति को 42,333 रुपये पाने के लिए 90,333 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। फिर लीव इनकैशमेंट पर टीडीएस लागू होता है, जबकि एलटीसी की राशि टैक्स लाभ में उपयोगी होगी। 

जाहिर है, मामूली आर्थिक लाभ के लिए इस योजना का लाभ न उठाना ही बेहतर है। प्रीति अगर घरेलू उपयोग के लिए जरूरी सामान खरीदना चाहती हैं और वह इसके लिए खर्च करने को तैयार हैं, तभी उन्हें इस योजना का लाभ उठाना चाहिए, अन्यथा नहीं। फिर आयकर के पुराने स्लैब से नए स्लैब में शिफ्ट हो चुके कर्मचारियों के लिए भी यह योजना लाभकारी नहीं, क्योंकि नए टैक्स स्लैब में आयकर छूट का प्रावधान नहीं है।

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