Monday, November 29, 2021
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कालाबाजारी: रेत का रेट 15.50 फीट, ओवरचार्जिंग की रोज 10 शिकायतें सीएमओ को भेज रहे डीसी

जालंधर17 घंटे पहले

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फिल्लौर-लुधियाना के पास बहते सतलुज दरिया में से निकाली जा रही रेत, जबकि मशीनों के इस्तेमाल पर पाबंदी है।

  • अगर रिटेलर नहीं घटा रहे रेट तो 9501799068 पर करें कंप्लेंट
  • पोकलेन-डिच मशीनों से बहते सतलुज दरिया में की जा रही अवैध माइनिंग​​​​​​​

सतलुज दरिया पर चल रही खदान में रेत 5.50 रुपए, जबकि ढुलाई, विक्रेता का मार्जिन, लोडिंग आदि का खर्च डालकर रिटेल में 15.50 रुपए प्रतिफीट रेट पंजाब सरकार ने तय कर रखे हैं। इसके बावजूद जालंधर में विक्रेता 25 से 26 रुपए प्रतिफीट विक्रेताओं से मांग रहे हैं। बड़ी बात यह है कि सरकार ने इस बारे में आदेश तो दे दिए, लेकिन सिटी के अंदर बिक्री केंद्रों पर इसकी जानकारी देने वाले कोई ऑर्डर, रेट लागू करने वाले माइनिंग स्टाफ की ड्यूटी नहीं लगाई गई।

इसी कारण लोगों को बिक्री केंद्रों पर 25-26 रुपए प्रति फीट ही बताया जा रहा है। बिक्री केंद्रों के दुकानदार ये दलीलें देकर रेट कम नहीं कर रहे हैं कि जालंधर में डिमांड के मुकाबले सप्लाई कम हो गई है, जो ट्रक होशियारपुर व अमृतसर से जालंधर आ रहे थे, वे अब नहीं आते हैं। इससे सप्लाई में गिरावट आई मगर कीमतों में नहीं। ऐसे में प्रशासन के कंप्लेंट नंबर 9501799068 पर रोज 8 से 10 लोग फोन करके प्रति ट्राॅली 2500 से लेकर 3000 तक बिकने की कंप्लेंट्स दे रहे हैं। हेल्पलाइन खुलते ही इस सप्ताह की शुरुआत में 150 तक ओवरप्राइसिंग की कंप्लेंट्स आ गई थीं। कंप्लेंट्स डीसी घनश्याम थोरी के ध्यान में लाई जा रही हैं और वे चीफ मिनिस्टर ऑफिस (सीएमओ) को भेज रहे हैं। ओवरप्राइसिंग न रुकने की सूचनाओं पर अब डीसी ने चेकिंग तेज करने के आदेश जारी किए हैं।

डिमांड ज्यादा और सप्लाई कम, इसलिए ब्लैक बढ़ रही

छोटे ठेकेदार मांग कर रहे हैं कि सरकार मशीनों से रेत ट्रकों में लोड करने की आज्ञा दे। इस बीच जालंधर के ठेकेदार राज कुमार तनेजा ने दैनिक भास्कर के सवाल पर कहा कि वे 5.50 रुपए प्रति फीट की कीमत से रेत बेचने के लिए तैयार हैं, लेकिन बड़ी परेशानी यह है कि उनकी पीपली नामक खदान बंद पड़ी है। नियम है कि मशीन से रेत नहीं भरी जा सकती, अगर आज हाथ से ट्रकों को लोड करना हो तो इसमें ज्यादा समय लगता है कि सप्लाई ही इतनी धीमी रहती है कि काम चलाना मुश्किल है। रेट कम करने को सप्लाई तेज करनी होगी। दूसरी तरफ जालंधर सिटी के अंदर ट्रॉली व टिप्पर वालों ने कहा कि थोक के रेटों के अलावा जो खर्च होते थे, इनमें कोई राहत नहीं है। डिमांड के मुकाबले सप्लाई कम होने से ब्लैक पर रोक नहीं लगी है।

ठेकेदारों की दिक्कत

पहले सरकार 9 रुपए प्रति फीट तक बिक्री करने के लिए कहती थी, अब तो 5.50 पर आई है। ऐसे में ट्रकों को लोड करने के लिए मशीनरी इस्तेमाल की आज्ञा दें। जिससे ज्यादा बिक्री करके लागत मूल्य पूरा कर सकते हैं। जो खदानें बंद हैं, उन्हें सरकार ठेके देकर चालू करवाए ताकि सप्लाई तेज करवाई जा सके।

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पंजाब | दैनिक भास्कर

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