Wednesday, December 8, 2021
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ऑनलाइन पढ़ाई से छुटकारा: 20 महीने बाद पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं आज से शुरू हुईं, अटेंडेंस अनिवार्य नहीं; ऑनलाइन पढ़ाई भी चालू रहेगी

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अहमदाबाद40 मिनट पहले

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राज्य में 16 मार्च 2020 से स्कूलों में शिक्षण कार्य पूरी तरह से बंद करने का आदेश दिया गया था।

गुजरात में प्राइमरी कक्षाएं (1 से 5वीं तक) लगातार 20 महीने से ज्यादा समय तक बंद रहीं। अब 22 नवंबर यानी सोमवार से शैक्षणिक कार्य शुरू हो जाएगा। यह घोषणा शिक्षामंत्री जीतू वाघाणी ने रविवार को सूरत में की। उन्होंने कहा कि स्कूल ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से शुरू रहेगी। छात्रों की उपस्थिति वैकल्पिक होगी।

उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी को देखते हुए राज्य में 16 मार्च 2020 से स्कूलों में शिक्षण कार्य पूरी तरह से बंद करने का आदेश दिया गया था। राज्य के शिक्षा मंत्री जीतू वाघाणी ने रविवार को सूरत में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कोरोना वायरस के मामलों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने सोमवार 22 नवंबर कक्षा पहली से पांचवीं तक अध्यापन नियमित करने की घोषणा की।

कोरोना वायरस महामारी के चलते पिछले दो साल से बच्चों ने सीनियर या जूनियर केजी में पढ़ाई नहीं की है।

कोरोना वायरस महामारी के चलते पिछले दो साल से बच्चों ने सीनियर या जूनियर केजी में पढ़ाई नहीं की है।

इधर, स्कूलों और कॉलेजों में 22 नवंबर से दीपावली की छुट्टी समाप्त हो रही है और शैक्षणिक कार्य नियमित रूप से शुरू होंगे। पहली से पांचवीं तक माता-पिता की सहमति फॉर्म प्राप्त करने की शर्त के साथ बच्चे स्कूल आ सकेंगे। वाघाणी ने कहा कि स्कूलों के ट्रस्टियों और शिक्षकों को छात्रों पर लगातार निगरानी रखना होगा। अगर किसी छात्र को छोटी या बड़ी कोई भी समस्या होती है तो उसे तुरंत दूर करना रहेगा।

कोर्स में भी कोई कमी नहीं होगी
शिक्षा मंत्री वाघाणी ने कहा कि पिछले साल कोविड के कारण पाठ्यक्रम में कमी की गई थी, लेकिन इस बार पाठ्यक्रम में कटौती पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के कई स्कूलों में एफआरसी नियमों का पालन न करने के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगर स्कूलों ने एफआरसी नियमों का पालन नहीं किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब प्री-प्राइमरी स्कूलों के जूनियर और सीनियर केजी के विद्यार्थियों के लिए भी उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।

अब प्री-प्राइमरी स्कूलों के जूनियर और सीनियर केजी के विद्यार्थियों के लिए भी उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा।

बच्चे जहां से भूले होंगे, वहीं से उन्हें पढ़ाया जाएगा
कोरोना वायरस महामारी के चलते पिछले दो साल से बच्चों ने सीनियर या जूनियर केजी में पढ़ाई नहीं की है। इन बच्चों ने सीधे कक्षा-1 में प्रवेश लिया है। इसी तरह कुछ बच्चों ने कक्षा-1 में पढ़ाई नहीं की है और उन्हें कक्षा-2 में प्रवेश मिल गया है। इसलिए ऐसी स्थिति को देखते हुए एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें मनोचिकित्सक, डॉक्टर और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल हैं। इस समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर बच्चे को वहीं से पढ़ाया जाएगा जहां से वह भूल गया है या रुक गया है।

प्री-प्राइमरी मामले में उचित समय में निर्णय लिया जाएगा
शिक्षा मंत्री ने बताया कि अब प्री-प्राइमरी स्कूलों के जूनियर और सीनियर केजी के विद्यार्थियों के लिए भी उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा जीतू वाघाणी ने कहा कि वर्तमान स्तर पर डीईओ की मंजूरी से प्री-प्राइमरी शुरू की जाती हैं, लेकिन नई शिक्षा नीति में इसका भी रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
स्कूल में एडमिशन पाने वाले बच्चों की पाठ्यपुस्तक की उपलब्धता (फीसदी में)

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गुजरात | दैनिक भास्कर

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