एक ऐसी विधानसभा, जहां सभी आंकड़े हो जाते हैं फेल: शाहजहांपुर सदर सीट से 8 बार से MLA हैं सुरेश खन्ना, पार्टी नहीं यहां चेहरे के नाम पर पड़ता है वोट

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शाहजहांपुर11 मिनट पहले

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शाहजहांपुर जिले में 6 विधानसभा सीटे हैं। इनमें से एक ऐसी विधानसभा सीट है, जहां से पिछले 8 बार से बीजेपी प्रत्याशी लगातार जीत दर्ज कर रहा है, वो प्रत्याशी कोई और नहीं बल्कि सूबे के कद्दावर मंत्री सुरेश कुमार खन्ना हैं। अक्सर कहा जाता है कि आजकल होने वाले चुनावों पर जातिगत समीकरण ज्यादा हावी होते हैं, ये भी कहा जाता है कि भाजपा को मुस्लिम वोट न के बराबर मिलता है, लेकिन नगर विधानसभा सीट ऐसी है, जहां भाजपा प्रत्याशी सुरेश खन्ना को क्षेत्र के सभी बूथों से वोट मिलता है।

फिर वह बूथ हिंदू बहुल हो या फिर मुस्लिम बहुल क्षेत्र में स्थित हो। 1989 के बाद सरकार किसी की भी रही हो, लेकिन यहां की जनता ने अपना विधायक सिर्फ सुरेश खन्ना को ही चुना है। खन्ना बिरादरी के 10 हजार से ज्यादा वोट भी जिले में नहीं हैं। काकोरी कांड के अमर शहीद अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह और पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की जन्मस्थली और कर्म स्थली शाहजहांपुर है। इसी जिले में 6 विधानसभा सभाएं हैं।

2107 में बीजेपी के 5 प्रत्याशी जीते

वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में 6 में से 5 सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी जीते थे। इन 5 सीटों में नगर विधानसभा सीट ऐसी है, जहां से वर्ष 1989 के बाद से ही भाजपा विधायक जीतता आ रहा है। उस विधायक का नाम है सुरेश खन्ना। शहर को छोड़ भी दें तो अगर जिले में किसी भी नेता का नाम लिया जाता है तो बच्चे, बुजुर्गों, महिलाओं और नौजवानों की जुबान पर सबसे पहले खन्ना जी का नाम आता है। वर्ष 1991 में दोबारा से जनता ने सुरेश खन्ना को अपना नेता चुना और कल्याण सिंह के मंत्रिमंडल ने सुरेश खन्ना को मंत्री पद से नवाज दिया। उसके बाद से वर्ष 2017 तक लगातार सुरेश खन्ना ने अन्य पार्टियों के प्रत्याशियों को हराया है।

4 लाख है नगर विधानसभा क्षेत्र की आबादी

वर्ष 1989 के बाद से लगातार तमाम राजनीतिक पार्टियों ने मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतारे, लेकिन जनता ने सिर्फ सुरेश खन्ना के नाम पर ही मुहर लगाई। वर्ष 2017 में अखिलेश यादव ने सुरेश खन्ना का किला गिराने के लिए मुस्लिम कार्ड खेला और नगर पालिका चैयरमैन रहे व सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां को चुनाव मैदान में उतारकर किस्मत आजमाई, लेकिन अखिलेश का मुस्लिम कार्ड भी फेल हो गया।

तब सुरेश खन्ना ने सपा प्रत्याशी तनवीर खां को 19,203 मतों से हराकर 8वीं बार लगातार जीत का सिलसिला जारी रहा। लेकिन आने वाले चुनाव में सभी राजनीतिक पार्टियों के दावे और वादे बदले हैं। देखना होगा कि क्या नगर विधानसभा क्षेत्र की जनता इस बार भी वही चेहरा देखना पसंद करेगी या फिर इस बार कुछ बदलाव देखने को मिलेगा।

अधूरे कार्यों का किया गया लोकार्पण

नगर विधानसभा क्षेत्र में सभी जाति वर्ग के वोटों की संख्या अच्छी तादाद में है। जिसमें मुस्लिम वोटर प्रत्याशी की जीत में मुख्य भुमिका अदा करते हैं। पिछले 5 साल की बात करें तो शहर में काफी तेजी से विकास हुआ है। रोड, चौराहों और तिराहों को चौड़ा करने का कार्य किया गया। शहर की एक-एक गली में खड़ंजे को हटाकर पक्की रोड बनवा दी गई है। अब शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के तर्ज पर तमाम कार्य किए जा रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच एक बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि जनता को लुभाने के लिए सुरेश खन्ना ने प्रशासन के साथ मिलकर अधूरी परियोजनाओं के लोकार्पण कर लोगों के आंखों में धूल झोंक दी है। जिसका जीता जागता उदाहरण इलेक्ट्रिक बसें हैं। जो सिर्फ 2 दिन चली और चार्जिंग के अभाव में पांचों बसें चार्जिंग प्वाइंट पर खड़ी कर दी गईं।

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उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर

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