उग्रवादी भवानी भुईयां का सरेंडर: झारखंड के 3 जिलों में था आतंक, JJMP जोनल कमांडर ने इंसास राइफल के साथ किया आत्मसमर्पण

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2 घंटे पहले

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कई मामलों में भी पुलिस को उग्रवादी की थी तलाश। प्रतिकात्मक तस्वीर।

झारखंड के गढ़वा, लातेहार और पलामू जिले में आतंक का पर्याय माने जाने वाले मोस्ट वांटेड अपराधी भवनी भुईयां ने पलामू पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। हालांकि की पुलिस के आला अधिकारियों की ओर से अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि रविवार को पुलिस इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकती है। फिलहाल उग्रवादी से पूछताछ की जा रही है।

सूत्रों की माने तो भवानी भुईयां प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP) से जुड़ा हुआ था। वह जोनल कमांडर के रूप में पलामू और आसपास के जिलों में अपने दस्ते के साथ लेवी वसूलने का काम कर रहा था। पुलिस की ओर से इन इलाके में लगातार चलाए जा रहे छापेमारी के अभियान के कारण अब दस्ते का बचना लगभग असंभव हो गया था। लिहाजा राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत मोस्ट वांटेड अपराधी ने अपना आत्मसमर्पण कर दिया है। बताया जा रहा है कि उग्रवादी ने अपनी इंसास रायफल भी पुलिस को सौंप दी है।

भवानी भुइयां पलामू प्रमंडल में के तीनों जिले पलामू, गढ़वा और लातेहार के इलाके में लगातार सक्रिय था। करीब 12 से अधिक उग्रवादी घटनाओं में पुलिस को इसकी तलाश थी। भवानी भुइयां पलामू के रामगढ़ थाना क्षेत्र के उरीटांड़ का रहने वाला है। 2016 में JJMP में शामिल हुआ था। उससे पहले वह प्रतिबंधित संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी(TSPC) से जुड़ा हुआ था।

जून 2021 में कमांडर रामसुंदर राम के मारे जाने के बाद भवानी भुइयां को JJMP का जोनल कमांडर बनाया गया था। सूत्र दावा कर रहे हैं कि रविवार को समारोह आयोजित कर भवानी भुइयां को आत्मसमर्पण नीति का लाभ देने की घोषणा कर दी जाएगी।

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झारखंड | दैनिक भास्कर

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