इमरान ने खोली पाकिस्तान की पोल: मुशर्रफ ने अमेरिका के साथ मिलकर डॉलर के लिए अफगानिस्तान में 20 साल लड़ाई लड़ी, भलाई का कोई मकसद नहीं था

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इस्लामाबाद17 मिनट पहले

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिका के साथ मिलकर 20 सालों तक अफगानिस्तान में लड़ाई लड़ने पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा पाकिस्तान इस लड़ाई में सिर्फ डॉलर के लिए शामिल हुआ था। उसका मकसद कभी भी अफगान लोगों की भलाई करना नहीं था।

इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को संबोधित करते हुए पाक PM ने यह बयान दिया। बता दें सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ ने इस लड़ाई में शामिल होने का फैसला किया था।

20 सालों तक चली इस लड़ाई को लेकर इमरान खान ने कहा- मैं अच्छी तरह से जानता हूं कि यह फैसला क्यों लिया गया था। इस फैसले में पाकिस्तान के लोगों के बारे में नहीं सोचा गया। यह पैसे को लिए खुद को दिया गया घाव था। सोवियत-अफगान युद्ध की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा- इसके पीछे वहीं नीयत थी जिसकी वजह से हमने 1980 के दशक में अफगान जिहाद में भाग लिया था।

अपने हालात के लिए हम खुद जिम्मेदार
इमरान खान ने कहा कि हम किसी और को दोष नहीं दे सकते। अपने हालात के लिख खुद ही जिम्मेदार हैं, हमने खुद को इस्तेमाल होने दिया। हमने जो विदेश नीति बनाई वो सिर्फ पैसे के लिए थी, उसमें आम लोगों का कोई ध्यान नहीं रखा। पैस के लिए देश की इज्जत को छोड़ दिया। पाक पीएम का दावा है कि परवेज मुशर्रफ ने जिन लोगों के साथ मिलकर इस जंग में शामिल होने का फैसला लिया था वो उनके भी करीबी थे। यही वजह है कि उन्हें पता है इस जंग में शामिल होने के पीछे क्या नीयत थी।

अफगान संकट इंसानों ने खड़ा किया
अफगानिस्तान के वर्तमान हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह बहुत अत्याचार है। जो भी संकट है वो इंसानों ने खड़ा किया है। अफगानिस्तान के फ्रीज किए गए पैसों लौटा दिया जाए है तो यह संकट टल जाएगा। इस मुश्किल वक्त में पाकिस्तान अफगानों की मदद करना जारी रखेगा।

OIC समिट में भी दिया था बयान
पाक पीएम ने इससे पहले ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) समिट में भी अफगानिस्तान का जिक्र किया था। इस समिट में इमरान खान ने कहा था कि अफगानिस्तान की समस्या इंसानों की खड़ी की हुई। अगर वक्त रहते इसे हल नहीं किया गया तो तबाही हमारे सामने होगी। अफगानिस्तान के मामले में जल्द एक्शन लेना होगा।

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विदेश | दैनिक भास्कर

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