इंदौर: लुटेरी दुल्हन को पकड़ने के लिए तैयार किया नकली दूल्हा, बाराती बनकर पहुंची पुलिस…

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 08 Jan 2022 05:49 PM IST

सार

एक लुटेरी दुल्हन ने पुलिस की नींद उड़ा दी। जब वह पुलिस के हाथ नहीं आई तो पुलिस को नकली दूल्हा तैयार करना पड़ा। इस नकली दूल्हे की मदद से पुलिस ने लुटेरी दुल्हन और उसके गिरोह को पकड़ा। अब पुलिस पूछताछ कर रही है।

पुलिस गिरफ्त में आरोपी महिलाएं।
– फोटो : सोशल मीडिया

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एक लुटेरी दुल्हन ने पुलिस की नींद उड़ा दी थी। जब वह पुलिस के हाथ नहीं आई तो पुलिस को नकली दूल्हा तैयार करना पड़ा। इस नकली दूल्हे की मदद से पुलिस ने लुटेरी दुल्हन और उसके गिरोह को पकड़ा। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

जानकारी के मुताबिक रवि ठाकुर नामक युवक ने पुलिस से शिकायत की थी। उसने कहा था कि पिछले माह 24 तारीख को उसकी शादी रेशमा से हुई थी। उसके परिजनों को कुछ रुपये भी दिए थे। दो दिन रहने बाद रेशमा ने कहा कि वह अपने भाई से मिलने संजय सेतु जा रही है। इसके बाद वह रुपये लेकर भाग गई। मनोज नामक परिचित ने रेशमा की फोटो वाट्सएप पर दिखाकर करवाई थी।इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जब कुछ पता नहीं चला तो पुलिस ने नई योजना बनाई।

लुटेरी दुल्हन को पकड़ने के लिए नकली दूल्हा तैयार किया। उन लोगों से संपर्क किया जो रेशमा से जुड़े थे। उनसे कहा कि इसकी शादी करवाना है। बातचीत के बाद तय हुआ कि दूल्हा एक लाख रुपये देगा और रेशमा को ले जाएगा। बातचीत पक्की होने पर मोतीतबेला क्षेत्र के एक मंदिर में शादी करने की बात तय हुई। इस मंदिर में नकली दूल्हे को भेजा गया और बाराती के रूप में पुलिस पहुंची। जैसे ही दुल्हन रेशमा शादी करने पहुंची तो उसे पकड़ लिया। पूछताछ की तो पता चला कि उसका असली नाम राधिका राव उर्फ वर्षा निवासी हरसिद्धि मोतीतबेला है। उसकी मां बनी पूजा सांवत उर्फ पूजा पटेल पति सोनू मराठा श्रीराम नगर द्वारकापुरी की है। रेशमा की बहन बनी मंजू पति वीरेंद्र चौधरी हवाबंगला की रहने वाली है। दोनों कपड़े बेचने का काम करती थीं, फिर ठगी करने लगीं। पुलिस को शंका है कि इस गिरोह ने कई लोगों को शादी के नाम पर ठगा है। उनसे पूछताछ की जा रही है। 

शादी के तीसरे दिन भाग जाती थी
पुलिस का कहना है कि ये एक गिरोह है। इसका काम यही होता है कि शादी के बाद रुपये और जेवर लेकर भाग जाए। महिलाएं पहले तो ऐसे युवकों की तलाश करतीं हैं जिनकी शादी नहीं हो रही हो। उनसे संपर्क कर शादी की बात करती थी। गिरोह में शामिल लड़की शादी करती और शादी के तीसरे दिन ही भाग जाती। रवि नामक जिस युवक ने इसकी शिकायत की थी, उसने बताया था कि कुछ समय पूर्व दलाल मनोज के माध्यम से हवा बंगला निवासी मंजू से मुलाकात हुई थी। मंजू ने रेशमा से मिलवाया। कहा कि वह शादी करने के लिए तैयार है। 90 हजार रुपये में बात पक्की हुई। रवि ने 75 हजार रुपये महिला को दे दिए। आठ दिन पहले शादी हुई, मगर तीसरे ही दिन ही लड़की भाग गई। कहा कि भाई को मोबाइल देने जाता है, इसके बाद वापस नहीं लौटी। रेशमा ने पुलिस को यह भी बताया कि उसे ऐसा करने के बदले दस हजार रुपये मिलते हैं। दलाल मनोज देवास निवासी बताया जा रहा है, जिसकी तलाश की जा रही है।
 

विस्तार

एक लुटेरी दुल्हन ने पुलिस की नींद उड़ा दी थी। जब वह पुलिस के हाथ नहीं आई तो पुलिस को नकली दूल्हा तैयार करना पड़ा। इस नकली दूल्हे की मदद से पुलिस ने लुटेरी दुल्हन और उसके गिरोह को पकड़ा। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

जानकारी के मुताबिक रवि ठाकुर नामक युवक ने पुलिस से शिकायत की थी। उसने कहा था कि पिछले माह 24 तारीख को उसकी शादी रेशमा से हुई थी। उसके परिजनों को कुछ रुपये भी दिए थे। दो दिन रहने बाद रेशमा ने कहा कि वह अपने भाई से मिलने संजय सेतु जा रही है। इसके बाद वह रुपये लेकर भाग गई। मनोज नामक परिचित ने रेशमा की फोटो वाट्सएप पर दिखाकर करवाई थी।इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जब कुछ पता नहीं चला तो पुलिस ने नई योजना बनाई।

लुटेरी दुल्हन को पकड़ने के लिए नकली दूल्हा तैयार किया। उन लोगों से संपर्क किया जो रेशमा से जुड़े थे। उनसे कहा कि इसकी शादी करवाना है। बातचीत के बाद तय हुआ कि दूल्हा एक लाख रुपये देगा और रेशमा को ले जाएगा। बातचीत पक्की होने पर मोतीतबेला क्षेत्र के एक मंदिर में शादी करने की बात तय हुई। इस मंदिर में नकली दूल्हे को भेजा गया और बाराती के रूप में पुलिस पहुंची। जैसे ही दुल्हन रेशमा शादी करने पहुंची तो उसे पकड़ लिया। पूछताछ की तो पता चला कि उसका असली नाम राधिका राव उर्फ वर्षा निवासी हरसिद्धि मोतीतबेला है। उसकी मां बनी पूजा सांवत उर्फ पूजा पटेल पति सोनू मराठा श्रीराम नगर द्वारकापुरी की है। रेशमा की बहन बनी मंजू पति वीरेंद्र चौधरी हवाबंगला की रहने वाली है। दोनों कपड़े बेचने का काम करती थीं, फिर ठगी करने लगीं। पुलिस को शंका है कि इस गिरोह ने कई लोगों को शादी के नाम पर ठगा है। उनसे पूछताछ की जा रही है। 

शादी के तीसरे दिन भाग जाती थी

पुलिस का कहना है कि ये एक गिरोह है। इसका काम यही होता है कि शादी के बाद रुपये और जेवर लेकर भाग जाए। महिलाएं पहले तो ऐसे युवकों की तलाश करतीं हैं जिनकी शादी नहीं हो रही हो। उनसे संपर्क कर शादी की बात करती थी। गिरोह में शामिल लड़की शादी करती और शादी के तीसरे दिन ही भाग जाती। रवि नामक जिस युवक ने इसकी शिकायत की थी, उसने बताया था कि कुछ समय पूर्व दलाल मनोज के माध्यम से हवा बंगला निवासी मंजू से मुलाकात हुई थी। मंजू ने रेशमा से मिलवाया। कहा कि वह शादी करने के लिए तैयार है। 90 हजार रुपये में बात पक्की हुई। रवि ने 75 हजार रुपये महिला को दे दिए। आठ दिन पहले शादी हुई, मगर तीसरे ही दिन ही लड़की भाग गई। कहा कि भाई को मोबाइल देने जाता है, इसके बाद वापस नहीं लौटी। रेशमा ने पुलिस को यह भी बताया कि उसे ऐसा करने के बदले दस हजार रुपये मिलते हैं। दलाल मनोज देवास निवासी बताया जा रहा है, जिसकी तलाश की जा रही है।

 

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