अपने गृह जनपद में कितने मजबूत सांसद संजय सिंह: सुल्तानपुर की 2 सीटों पर उतारे ‘आप’ प्रत्याशी, कोई बड़ा चेहरा नहीं; DDC चुनाव में 45 में से जीती थी 2 सीटें

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सुल्तानपुर17 मिनट पहले

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यूपी चुनाव का शंखनाद होने के बाद आप (आम आदमी पार्टी) के यहां सभी 403 सीटों पर प्रत्याशी उतारे जाएंगे। आप सांसद संजय सिंह ने इसका ऐलान किया है। हालांकि संजय सिंह का गृह जनपद सुल्तानपुर है, जहां 5 सीटें हैं। खुद वो यहां कितने मजबूत हैं यह बड़ा अहम सवाल है। फिलहाल पार्टी ने यहां से 2 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। शुरुआत से ही जो लड़ाई से बाहर हैं।

आप ने सु्ल्तानपुर विधानसभा सीट से धर्मेश मिश्रा और कादीपुर सुरक्षित सीट से अधिवक्ता सुरेश कुमार को प्रत्याशी बनाया है। दोनों ही प्रत्याशियों का अपना कोई वजूद नहीं है। यही नहीं इन्हें पब्लिक में भी कोई न जानता है न पहचानता है। उधर, एक आप नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इसौली सीट से बड़ा चेहरा उतारा जाएगा।

नगरपालिका चुनाव में चौथे स्थान पर रही पार्टी

2017 में हुए नगरपालिका चुनाव में आप ने नम्रता श्रीवास्तव को प्रत्याशी बनाया था, जो चौथे स्थान पर रहीं। हाल ही में संपन्न हुए जिला पंचायत चुनाव में सभी 45 वार्डों से आम आदमी पार्टी ने प्रत्याशी उतारे। केवल दो सीटें ही प्रत्याशी जीत सके। वॉर्ड 37 से पार्टी समर्थित आसिफ खान और वार्ड 12 से सूरज ने बाजी मारी। बाद में वार्ड 22 से जीती ज्ञानमती देवी भी आप में शामिल हुईं, लेकिन जब जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हुआ तो यह सभी बीजेपी के खेमे में खेलते दिखाई पड़े।

राजनीतिक सक्रियता यहां नहीं

वरिष्ठ पत्रकार बृजेंद्र विक्रम सिंह ने दैनिक भास्कर से बताया कि संजय सिंह का यह गृह जनपद जरूर है, लेकिन उन्होंने कोई राजनीतिक सक्रियता यहां नहीं दिखाई। पहले जो उनकी सक्रियता रही, उसका लाभ वो दिल्ली में ले चुके हैं। स्थानीय स्तर पर जो प्रत्याशी उतारे गए हैं, वो भी अननोन फेस हैं। पार्टी स्ट्रक्चर भी यहां मजबूत नहीं है।

उन्होंने बताया कि पिछला नगरपालिका चुनाव लड़ाया, वो भी कुछ खास नहीं कर पाए। आप यहां पर सिर्फ एक आमद दर्ज कराने के लिए लड़ रही है। पंचायत चुनाव में भी वो जो सीटें उसने जीती वो व्यक्तिगत तौर पर जीती हैं।

1994 में आजाद समाजसेवा समिति बनाई

बता दें कि संजय सिंह सुल्तानपुर-अमेठी सीमा पर स्थित अमेठी के टिकावर गांव के मूल निवासी हैं। पिता दिनेश कुमार सिंह एमजीएस इंटर कॉलेज के रिटायर्ड शिक्षक हैं और माता राधिका सिंह जूनियर हाईस्कूल की सेवानिवृत्त अध्यापिका। वो दो भाई हैं, दूसरे भाई आशुतोष सिंह अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। स्वयं संजय सिंह ने 1994 में आजाद समाजसेवा समिति बनाकर सेवा के माध्यम से शुरुआत की।

1998 रघु ठाकुर के संपर्क में आए और लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी से राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की। इस बीच उन्होंने पटरी-गुमटी वालों की लड़ाई लड़ी। तभी अरविंद केजरीवाल स्वराज आंदोलन और आरटीआई के संबंध में यहां आए और संजय सिंह सीधे उनके संपर्क में आ गए।

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उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर

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