अनुकंपा के लिए डेढ़ लाख की डील: कर्मचारी की कोरोना से मौत हुई, सहकारी समिति के CEO ने बेटे की नौकरी के बदले ली रिश्वत

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मुंगेलीएक घंटा पहले

रुपयों के लेनदेन को लेकर वीडियो वायरल हो गया है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना से हुई मौतों के बाद अनुकंपा नियुक्ति भारी पड़ने लगी है। आरोप है कि मुंगेली में सहकारी समिति के CEO ने कर्मचारी की मौत के बाद बेटे को नौकरी देने के लिए डेढ़ लाख रुपए में डील की। युवक ने 1 लाख रुपए दे दिए, लेकिन अब बाकी के 50 हजार रुपए देने के लिए दबाव बनाया था। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें CEO कह रहा है कि सहायक पंजीयक को रुपए देने हैं। वहीं सहायक पंजीयक ने मामले की जांच कराने की बात कही है।

दरअसल, फंगवानी निवासी हुककुमार साहू सहकारी समिति खंडवानी में विक्रेता थे। उनकी 27 अप्रैल को कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई। इसके बाद उनके बेटे मेघनाथ साहू ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि सेल्समैन पद पर नियुक्ति के लिए सेवा सहकारी समिति फंदवानी के CEO एनके कश्यप ने उससे डेढ़ लाख रुपए मांगे। इस पर मेघनाथ ने एक लाख रुपए दे दिए और बाकी रकम बाद में देने को कहा।

सहकारी समिति CEO एनके कश्यप और सहायक पंजीयक उत्तर कौशिक।

सहकारी समिति CEO एनके कश्यप और सहायक पंजीयक उत्तर कौशिक।

कहा- 50 हजार खुद रखे, 50 हजार सहायक पंजीयक को दिए
वीडियो में 3 लोगों की बातचीत सुनाई दे रही है। इसमें मेघनाथ साहू, उसका चचेरा भाई और CEO एनके कश्यप हैं। तीनों आपस में लेनदेन को लेकर चर्चा कर रहे हैं। वीडियो में एनके कश्यप कह रहे हैं कि उन्होंने मेघनाथ से रुपए लेकर 50 हजार सहायक पंजीयक सहकारी संस्था उत्तर कौशिक को दिए और 50 हजार खुद रखे। मेघनाथ भी बता रहा है कि डेढ़ लाख में हुए सौदे का एक लाख दे चुका है। बाकी 50 हजार वेतन मिलने के बाद दे देगा।

पंजीयक सहकारी संस्था से की गई लिखित शिकायत
मेघनाथ ने इस संबंध में 4 जनवरी को पंजीयक सहकारी संस्था से लिखित में शिकायत भी की। बाकी के रुपए नहीं देने पर नौकरी से बाहर करने की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि उत्तर कौशिक से भी उसने इस संबंध में बात की तो उन्होंने केवल 50 हजार रुपए मिलने की बात कही। वहीं एनके कश्यप बार-बार घर बुलाकर धमका रहा है। कहता है जानते नहीं हो मुझे हवा में उड़ा दूंगा तुमको।

पंजीयक सहकारी संस्था से की गई लिखित शिकायत

पंजीयक सहकारी संस्था से की गई लिखित शिकायत

एक महीने में होनी थी नियुक्ति, चार महीने लटकाए रखा
आवेदक मेघनाथ साहू ने बताया कि उसे सरवपुर केंद्र का खरीदी प्रभारी बनाया गया है। उसने अगस्त में एक लाख रुपए दिए थे। इसके बाद उसे नियुक्ति मिली। सरकार ने कोरोना से मौत पर एक माह में अनुकंपा नियुक्ति के आदेश दिए थे, लेकिन उसे 4 महीने तक लटकाए रखा। उससे नियुक्ति के लिए 2 लाख रुपए मांगे गए थे, लेकिन सौदा डेढ़ लाख रुपए में तय हुआ था। नियुक्ति के बाद भी उसे अभी तक वेतन नहीं मिला है।

मामले की जांच कराएंगे- सहायक पंजीयक
वहीं सहायक पंजीयक सहकारी संस्था उत्तर कौशिक ने कहा कि मुझे वीडियो के संबंध में जानकारी मिली है। इसको लेकर मामले की जांच कराएंगे। मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता है। मेरा नाम इसमें कैसे घसीटा जा रहा है। युवक को नियुक्ति दी जा चुकी है। वेतन क्यों नहीं मिल रहा है, वह मेरे हाथ में नहीं है। दूसरी ओर सेवा सहकारी समिति के CEO एनके कश्यप ने कुछ भी कहने से मना कर दिया है।

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छत्तीसगढ़ | दैनिक भास्कर

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