Wednesday, December 8, 2021
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अनगिनत मरीजों की जान बची: गठिया पेशेंट स्टीरॉइड का साइंटिफिक डोज लेते रहे, इसीलिए कोरोना घातक नहीं हुआ, स्टीराॅइड सही मात्रा में फायदेमंद हैं

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  • Arthritis Patients Keep Taking Scientific Doses Of Steroids, That Is Why The Corona Has Not Become Fatal, Steroids Are Beneficial In The Right Amount.

इंदौरएक घंटा पहले

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  • इंदौर के डॉ. अक्षत पांडे व केरल के डॉ. रविंद्रन द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन

‘कोरोनाकाल में स्टीरॉइड से ही अनगिनत मरीजों की जान बची है। ऑटोइम्यून बीमारी में यह बेहद कारगर है। सीमित मात्रा में इसका उपयोग किया जाए तो फायदेमंद है लेकिन ओवरडोज हो तो जान जा सकती है। गठिया रोग के मरीजों को सालों से सामान्य रूप से यह बहुत सीमित मात्रा में दी जाती है। इसीलिए यह देखा गया है कि उनमें कोरोना घातक नहीं हुआ है।’ मुख्य अतिथि वरिष्ठ ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एके पंचोलिया ने डॉ. अक्षत पांडे और केरल के डॉ. विनोद रविंद्रन द्वारा लिखी किताब कोर्टिकोस्टीराॅइड्स इन रुमेटोलॉजी का विमोचन करते हुए यह बात कही।

एमजीएम के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. वीपी पांडे ने कहा कि कई अध्ययन में पता लगा है कि गठिया के मरीजों जो दवा के रूप में स्टीरॉइड ले रहे थे, उन्हें संक्रमण नहीं हुआ। स्टीरॉइड के सही इस्तेमाल को लेकर जागरूकता लाना जरूरी है। डॉ. अक्षत ने बताया कि स्टीरॉइड का सही इस्तेमाल न होने पर मोतियाबिंद, त्वचा में ढीलापन, मधुमेह, किडनी की बीमारी समेत हड्डी की कमजोरी या आर्थराइटिस जैसी समस्या हो सकती है। इस किताब को तैयार करने में 2 वर्ष का समय लगा। इसे अन्य भाषाओं में लाएंगे।

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मध्य प्रदेश | दैनिक भास्कर

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